क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के आश्वासनों के बावजूद मार्ग का निर्माण न होने से नाराज ग्रामीण ‘रोड नहीं तो-वोट नहीं’ की मांग के लिए मुखर हो गए हैं। मंगलवार को ग्राम शंकर नगर-भैंसिया से भारी संख्या में ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रभारी तहसीलदार राजेंद्र सनवाल को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने कहा कि करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे लिंक मार्ग पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। मार्ग के निर्माण की मांग के लिए कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के दरवाजों पर जाकर गुहार लगाई गई है। ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे को भी कई बार लिखित में पत्र सौंपकर मार्ग निर्माण की मांग की थी लेकिन तमाम आश्वासनों के बाद भी मार्ग का निर्माण नहीं हो सका है। ज्ञापन में ग्रामीणों में आने वाले विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्ष से वह मार्ग निर्माण की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुध नहीं ले रहा है।
अगर रोड नहीं बनती है तो वो वोट डालने का भी बहिष्कार करेंगे। इससे पूर्व ग्रामीणों ने शंकर नगर-भैंसिया लिंक रोड पर कीचड़ और पानी में खड़े होकर शासन प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करके नारेबाजी भी की। इस दौरान सोमनाथ गाबा, जहांगीर लाल, अभिषेक कुमार, राहुल गाबा, मथुरादास, कमलेश रानी, ज्योति, पुष्पा रानी, मीनू रानी, कंचन रानी एवं प्रेमलता आदि ग्रामवासी मौजूद थे।