पहेनिया से कुटरी तक बन रहे आठ किलोमीटर बाइपास निर्माण में अधिगृहीत भूमि के मूल खातेदार और काबिज लोगों के बीच तालमेल न होने के चलते बाइपास का निर्माण अधर में लटका है। अब तक हुए सर्वे में 14 गांव में 298 काश्तकार चिन्हित किए गए हैं, जिनमें मूल खातेदार जनजाति के और काबिज गैर जनजाति के हैं।
सितारगंज से टनकपुर तक बन रहे 52 किलोमीटर टू लेन मोटर मार्ग में खटीमा तहसील के अंतर्गत अध्याप्ति सरकारी व निजी भूमि 66.8582 हेक्टेअर है। 518 काश्तकारों को मुआवजा दिया जाना है। तहसील सूत्रों के अनुसार, सड़ासड़िया, फुलैया, झनकट, बानूसी, कुमराहा, उमरुकला, जंगलजोगीठेर आदि ग्राम सभाओं में लगभग सभी गांवों के किसानों का मुआवजे की प्रथम किस्त का आंशिक भुगतान हो चुका है, जिन ग्रामसभाओं में भुगतान नहीं किया गया, उनमें कुटरी, बिगराबाग, नदन्ना के गांव शामिल हैं।
जिन तीन ग्रामसभाओं में मुआवजे की प्रथम किस्त भी जारी नहीं की जा सकी, उनमें जनजाति की जमीन पर गैर जनजाति के लोग काबिज हैं। नियम के अनुसार मूलखातेदार के नाम पर ही जमीन का भुगतान किया जाना है। यहां 298 काश्तकार चिन्हित किए गए हैं, जिनमें 98 काश्तकार ऐसे हैं जिसमें दोनों पक्षों में मुआवजे की आने वाली राशि को लेकर सहमति बनी है जबकि 122 काश्तकारों के बीच किसी प्रकार की सहमति नहीं बनी है। 78 काश्तकारों के मामले में क्या हुआ इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है।
दस दिन में सुधारे सड़कों की दशा
नगर से निकल रहे राष्ट्रीय राजमार्ग की दुर्दशा और प्रस्तावित बाइपास निर्माण में प्रभावितों को मिलने वाले मुआवजे, नए मार्ग के लिए प्रस्तावित 18 करोड़ के बजट के लिए मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने एनएचएआई, लोनिवि सहित सड़क बनाने वाली कंपनियों के अधिकारियों की बैठक बुलाई। इसमें विधायक पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए।
बैठक में हुई कार्रवाई की फोन पर जानकारी देते हुए विधायक धामी ने बताया मुख्य सचिव ने निर्माण इकाई और संबंधित विभागों को दस दिन में सड़कें दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। इसमें वैकल्पिक रूप से सड़क में पैच वर्क, फिलिंग का कार्य भी शामिल है। धामी ने बताया कि नगर के कंजाबाग चौराहे से टनकपुर रोड तक प्रस्तावित 18 करोड़ के मार्ग और बाइपास के मुआवजे को लेकर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। धामी ने कहा कि शीघ्र ही बाइपास व नगर की सड़क का निर्माण कराया जाएगा।