काशीपुर सरकारी अस्पताल में बनाया गया डेंगू वार्ड।
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तराई में डेंगू पैर जमा चुका है। नगर के निजी अस्पतालों में डेंगू के मरीज और प्लेटलेट्स कम होने के मामले लगातार पहुंच रहे हैं। वहीं सरकारी अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए व्यवस्थाओं के दावे तो पूरे हैं, लेकिन अस्पताल में फिजीशियन की तैनाती नहीं है, इसके चलते डेंगू की जांच और इलाज की व्यवस्था मात्र दिखावा है।
गिरीताल चामुंडा स्थित एक निजी अस्पताल के पास चामुंडा विहार कालोनी का दूषित पानी गिरीताल सरोवर में छोड़ा जा रहा है। साथ ही गेस्ट हाउस के पास कूड़ा कचरा भी फेंकने से भी लोग बाज नहीं आ रहे हैं। डेंगू को लेकर सरकारी अस्पताल में एक वार्ड बनाया गया। इसमें मच्छर दानियां लगाई गई हैं। हालांकि अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा अब तक एक भी मरीज नहीं आने की बात कही जा रही है। वहीं निजी अस्पताल में लगातार डेंगू मरीज आ रहे है। एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. वीके टम्टा ने बताया कि अस्पताल में कोई डेंगू का मरीज नहीं है।
अस्पताल में 10 बिस्तरों का डेंगू वार्ड बनाया गया है। डेंगू के मरीज के लिए दवाइयों की व्यवस्था भी पूरी है। अस्पताल में फिजीशियन नहीं है। इसलिए कोई मरीज आया होगा तो उसे प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया होगा। डॉक्टरों की लगातार मांग की जा रही है। अस्पताल परिसर में बनी पार्किंग स्थल में कूड़ा और घास उगी हुई उसे बुधवार को साफ करा दिया जाएगा।