काशीपुर। हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट उत्पाद तैयार कर महिलाएं स्वावलंबी बन रही हैं। इसके माध्यम से हर महीने में अच्छी आय भी अर्जित कर परिवार का भरण पोषण करने में मदद कर रही हैं। बुधवार को उत्तरायणी मेले में नगर निगम की तरफ से हुनर स्वयं सहायता समूह का स्टॉल लगाया था। समूह की राशिदा अंसारी ने कहा कि 27 नवंबर 2018 में समूह का गठन किया गया था। हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट के काम में 10 महिलाएं जुड़ी हैं। यहां हैंडलूम बेडशीट, कुशन कवर, कर्टन, मैट, रग्स, फ्लोर कार्पेट आदि तैयार किया जाता है। बताय कि समूह के गठन के समय नगर निगम की ओर से उनके कार्य के आधार पर चयन होने पर 10 हजार रुपये दिए गए थे।
राशिदा ने बताया कि शुरुआत में काशीपुर में ही स्टॉल लगाते थे। इसके बाद रुद्रपुर गांधी पार्क प्रदर्शनी में जाने लगे। राज्य सरकार और केंद्र सरकार की ओर से आयोजित प्रदर्शनी में स्टॉल लगाते हैं। वार्ड नंबर 40 में कार्यशाला बनी हुई है। वहां उत्पाद तैयार किया जाता है। यह उत्पाद बाजार से अलग होता है। इसमें सौ फीसदी उच्च गुणवत्ता कॉटन होता है जो आम बाजार में नहीं मिलता है। हथकरघा और हैंडलूम का सामान केवल हुनर पर मुहैया होता है। इससे हर महीने एक महिला को कम से कम 10-12 हजार और अधिकतम 25-30 हजार की आय होती है।
मॉरीशिस में लगा चुकी हैं स्टॉल
-राशिदा बताती हैं कि समूह का स्टॉल मुंबई, बेंगूलरू, पुणे, चेन्नई में जाते हैं जहां स्टॉल निशुल्क होता है। देश के बाहर मॉरीशस गए थे। यहां अच्छी आय अर्जित हुई। वहां के लोगों को यहां की कारीगरी और सामान की गुणवत्ता बहुत पसंद आई। बीते दिनों प्रयागराज प्रदर्शनी में गए थे। यहां समूह ने नौ लाख रुपये की बिक्री की थी।