रुद्रपुर। लगातार हो रहे हादसों के बाद भी वाहनों की तेज रफ्तार पर लगाम नहीं लग पा रही है। हर महीने तेज रफ्तार के हजार से अधिक मामले पकड़ में आ रहे हैं। यह स्थिति तब है जब कई जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। आए दिन रफ्तार के कारण कई लोगों की जिंदगी की सांसों की डोर पर ब्रेक लगा रही है।
वाहन दुर्घटना में तेज रफ्तार प्रमुख कारणों में से एक रहता है। तेज रफ्तार पर नकेल कसने के लिए परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने कई स्थानों पर ऑटमेटिक कैमरे लगाए हैं। इन कैमरों के जरिये तेज गति से वाहन चलाने पर वाहनों का चालान किया जाता है। परिवहन विभाग स्पीड रडार गन से भी निर्धारित गति से अधिक गति में वाहन चलाने पर चालानी कार्रवाई कर रहा है लेकिन तेज रफ्तार के शौकीनों के हौसले पस्त नहीं हो पा रहे हैं।
इसकी तस्दीक परिवहन विभाग के ही आंकड़े कर रहे हैं। परिवहन विभाग के उप संभाग में वर्तमान वित्तीय वर्ष में अप्रैल 2025 से बीती जनवरी तक तेज रफ्तार के 10,982 मामले पकड़ में आए हैं। परिवहन विभाग ने बीते जनवरी में ही तेज गति से वाहन चलाने के 1,000 मामले पकड़े थे।
कोट
तेज गति से वाहन चलाने पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रवर्तन दल इस पर पैनी नजर रख रहे हैं। रामपुर रोड, सुतैया, मझौला, दोराहा, दशमेश नगर, दरऊ में ऑटोमेटिक कैमरे से चालान किए जा रहे हैं। - नवीन सिंह एआरटीओ प्रवर्तन रुद्रपुर