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मूसलाधार बारिश से खटीमा के कई क्षेत्रों में जलभराव

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खटीमा। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से क्षेत्र के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। प्री-मानसून की बारिश से आठ किमी बाईपास के दोनों तरफ पानी भर गया। इससे कंजाबाग, बिगराबाग, कुटरी, नदन्ना आदि ग्रामीण क्षेत्र जलमग्न हो गए। बचाव टीम ने एनएच की ओर से बनाए गए बाईपास मार्ग के पांच कलमठ खोले। इससे जलभराव का सामना कर रहे लोगों को निजात मिली।
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मंगलवार की मध्य रात को क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया। बाईपास के आसपास के कंजाबाग, बिगराबा, कुटरी और नदन्ना गांव में जलभराव से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बुधवार को एनएच टीम के कर्मचारी नसीब अहमद, गौरव कुमार, भाष्कर एवं उत्तम कुमार ने कुटरी में दो, नदन्ना, उमरूखुर्द व सुजिया के एक-एक कलमठ खुलवाए।
इस दौरान आठ किमी बाईपास के एक ओर बसे ग्रामों में कई लोगों के घर जलमग्न स्थिति में रहे। एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में बरसाती पानी के निकास की वैकल्पिक व्यवस्था जेसीबी से खोदकर बनाई गई है। एनएच के निर्माणाधीन आठ किमी बाईपास के कलमठ खुलवाए गए हैं ताकि लोगों को जलभराव की स्थिति से निजात मिल सके।
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बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी आरके नरेंद्र गहतोड़ी ने बताया कि फिलहाल कुछ एक स्थानों पर जलभराव होने पर जेसीबी से निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। क्षेत्र में सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है।
इधर, ग्रामसभा भुड़ाई के ग्रामीणों ने एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट को ज्ञापन सौंपकर ग्रामसभा में जलभराव की जानकारी दी। ग्रामीणों ने ग्रामसभा की बंद पुलिया को खुलवाने एवं जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। वहां वेदप्रकाश, रवि सिंह, राकेश सिंह, हरवंश सिंह, सुखदेव आदि थे।
बारिश से ट्रांसफार्मर में खराबी, दस घंटे गुल रही बत्ती
खटीमा। बारिश से लोहियाहेड स्थित पावर हाउस में 40 मेगावाट के ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आ गई। इससे नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के अलावा टनकपुर, बनबसा सहित औद्योगिक क्षेत्र की आपूर्ति लगभग 10 घंटे बाधित रही। मंगलवार रात को आधी के साथ हुई बारिश से लोहियाहेड पावर हाउस का 40 मेगावाट का ट्रांसफार्मर खराब हो गया।
इससे लगभग 60,000 उपभोक्ताओं के घर की बिजली गुल रही। बिजली गुल होने से लोगों को पानी की दिक्कत का सामना भी करना पड़ा। ऊर्जा निगम के अवर अभियंता पवन उप्रेती ने बताया कि ट्रांसफार्मर की खराबी बुधवार शाम साढ़े तीन बजे तक ठीक कर ली गई थी। बताया कि सितारगंज पावर ग्रिड से उपभोक्ताओं को आपूर्ति दी गई थी।
वनकटिया गांव में बिजली गिरी, दो मवेशियों की मौत
खटीमा। वन कटिया गांव में बिजली गिरने से दो मवेशियों की झुलसने से मौत हो गई। बुधवार तड़के करीब तीन वनकटिया गांव में करन सिंह राणा की गोशाला पर बिजली गिर गई। इससे करन की गोशाला में बंधे एक बैल व एक गाय की झुलसकर मौत हो गई। प्रधान नितिन सिंह राणा ने राजस्व विभाग को घटना की जानकारी दी। खबर लिखे जाने तक राजस्व कर्मी ने मुआयना नहीं किया था।
पोल्ट्रीफार्म में घुसा पानी 1800 चूजों की मौत
खटीमा। तेज बारिश से लालकोटी पचौरिया गांव में सुनील सिंह के पोल्ट्रीफार्म में पानी घुस गया। इससे पोल्ट्रीफार्म में पल रहे करीब 1800 चूजों की पानी में डूबकर मौत हो गई। घटना की जानकारी राजस्व कर्मियों को दी गई। इस पर तहसीलदार शुभांगिनी ने पशु चिकित्सकों की टीम को मृत पशुओं की जांच करने भेजा। तहसीलदार ने बताया कि जांच के बाद उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा।
खटीमा में 132 एमएम बारिश दर्ज
खटीमा। राजकीय इंटर कॉलेज स्थित मौसम विभाग की लैब में 132 एमएम बारिश दर्ज की गई है। प्री-मानसून की यह बारिश अभी एक-दो दिन तक जारी रहेगी। लैब प्रभारी नरेंद्र रौतेला ने बताया कि प्री-मानसून के बाद मानसून की शुरुआत होगी।
उकरौली गांव से पांच परिवारों को किया शिफ्ट
सितारगंज। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश से कैलाश नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे पहाड़ी उकरौली गांव में भूमि कटाव हो गया। कई घरों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। तहसीलदार ने भूमि कटाव का निरीक्षण करने के बाद पांच परिवारों को नदी किनारे से हटाकर सुरक्षित स्थान पर भेजा। उन्होंने बताया कि बरसात शुरू होने के साथ ही बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है।
पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश से बुधवार सुबह अचानक कैलाश नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे कैलाश नदी का रुख उकरौली गांव की ओर हो गया और गांव के पास भू-कटाव करना शुरू हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि अनियोजित व अवैध खनन के कारण नदी का रुख गांव की ओर हो गया है। इससे जहां भू कटाव हो रहा है। वहीं कई घरों पर भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
बुधवार को तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी, ईई अरविंद नेगी, एई बीसी नैनवाल व कोतवाली प्रभारी प्रकाश सिंह दानू ने मौके पर निरीक्षण किया। अफसरों ने ग्रामीणों को अस्थायी बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने का आश्वासन दिया। तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी ने बताया कि गांव के ललिता पाल, तेज सिंह, मीना पाल, संजय बैरागी व संदीप सिंह के परिवार को सुरक्षा की दृष्टि से वहां से हटाकर सुरक्षित भवनों में शिफ्ट किया गया है।
बताया कि नदी किनारे ग्रामीण जंगल की लकड़ी बीनने या फिर मछली का शिकार करने आ रहे हैं, जिन्हें अब नदी व उसके आसपास आने से रोका जा रहा है। डुगडुगी बजाकर ग्रामीणों को नदी के किनारे न जाने की सलाह दी जा रही है। तहसीलदार ने बताया कि तत्काल अस्थायी बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने के लिए बजट आवंटित की संस्तुति की है। उन्होंने कहा कि बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को भी मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।
इधर, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अरविंद सिंह नेगी ने बताया कि बाढ़ सुरक्षा के कार्यों के लिए प्रस्ताव बनाए गए लेकिन बजट के अभाव में स्वीकृति नहीं मिली। पहाड़ से सटे उकरौली गांव को बाढ़ से बचाने के लिए अस्थायी बाढ़ सुरक्षा के लिए नौ लाख रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। इसका बजट आवंटित होने पर बाढ़ सुरक्षा के कार्य कराए जाएंगे।
इधर, एसडीओ बीसी नैनवाल ने बताया कि क्षेत्र में बारिश तो शून्य रही लेकिन नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इसमें कैलाश नदी में 4,500 क्यूसेक से बढ़कर आठ हजार क्यूसेक व बैगुुल नदी में तीन हजार से बढ़कर 35 क्यूसेक पानी हो गया है। उन्होंने बताया कि नदियों के पानी पर नजर रखी जा रही है।
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