फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम के गृह क्षेत्र में डबल मर्डर: सेवक बोला- जब मौत सामने आई तो मरने का नाटक कर बचाई जान, जानें पूरा मामला

Sat, 06 Jan 2024 02:15 PM IST
हीरा मेहरा कीर्तिराज रुमाल, संवाद

सार

सीएम पुष्कर सिंह धामी के गृहक्षेत्र खटीमा में गुरुवार रात को बदमाशों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने भारामल के समाधि स्थल के महंत बाबा श्रीहरि गिरि महाराज और एक अन्य व्यक्ति की हत्या कर दी। अस्पताल में भर्ती दूसरे सेवक ने आपबीती बताई।
 
विज्ञापन
सीएम के गृह क्षेत्र में डबल मर्डर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड के खटीमा में एक मंदिर में बाबा और सेवक की लाठी डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई। वहीं, एक सेवक को बदमाश मरा समझकर छोड़कर भाग गए। सीएम पुष्कर सिंह धामी के गृहक्षेत्र में दोहरे हत्याकांड से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। साथ ही पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई है। वहीं, बदमाशों के हमले में जिंदा बचा सेवक नन्हे खटीमा नागरिक अस्पताल में भर्ती है। उसने बताया कि सामने मौत का तांडव देख वह बुरी तरह से डर गया था। हमलावरों ने उसके सिर और हाथ-पैरों पर लाठियों से हमला किया।

 

विज्ञापन

उसने अपनी जान बचाने के लिए मर जाने का नाटक किया। बताया कि उसने कुछ देर के लिए सांस रोक दी थी जिस कारण हमलावर से उसे मरा समझ भाग गए। इसके बाद वह बेहोश हो गया था। उसने बताया कि रात के समय उसने श्री हरिगिरि महाराज को कुछ पैसे गिनते हुए देखा था। उनके पास संभवत: करीब 12 हजार रुपये थे। उनकी हत्या के बाद हमलावर रुपये भी लूटकर ले गए। खटीमा उप जिला अस्पताल में भर्ती नन्हे बदहवास था। वह अपने साथियों से श्रीहरिगिरि महाराज के हत्यारों को शीघ्र पकड़ने की मांग करता रहा। डॉक्टरों के मुताबिक, नन्हे के सिर, हाथ और पैर में गहरी चोटें आई हैं। 

 

ये पढ़ें- Jilling Estate Case: जिलिंग स्टेट मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, हाईकोर्ट के आदेश को किया रद्द

 

सीएम के गृह क्षेत्र में दोहरे हत्याकांड से सनसनी
सीएम पुष्कर सिंह धामी के गृहक्षेत्र में दोहरे हत्याकांड से पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई है। शुक्रवार शाम एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी भी खटीमा पहुंचे। उन्होंने कहा कि वारदात के खुलासे को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया मामला लूट के लिए हत्या का प्रतीत हो रहा है। मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे पुराने होने और अंधेरे के चलते जांच में मदद नहीं मिल सकी।

सुरई रेंज के सभी प्रवेश द्वारों पर नाकाबंदी
खटीमा तराई पूर्वी वन प्रभाग के सुरई वन क्षेत्र के घने जंगलों में बदमाशों की तलाश करना पुलिस के लिए चुनौती  है। बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीम के साथ ही वन विभाग और एसओजी जंगल में जगह-जगह दबिशें दे रही हैं। बदमाशों को जंगल की सीमा से बाहर जाने से रोकने के लिए सुरई रेज के सभी प्रवेश द्वारों पर नाकाबंदी की गई है। पर्यटकों का भी सुरई ईको टूरिज्म जोन में प्रवेश बंद कर दिया गया है।
विज्ञापन


सीएम ने जताया शोक
वरिष्ठ भाजपा नेता अमित कुमार पांडेय ने बताया कि श्रीहरिगिरि महाराज के निधन पर सीएम पुष्कर सिंह धामी और सांसद अजय भट्ट ने शोक व्यक्त किया है। बताया गया कि शनिवार को भारामल मंदिर परिसर में श्रीहरिगिरि महाराज ब्रह्मलीन होंगे। बताया कि श्रीहरिगिरि महाराज जूना अखाड़े से थे। वह कई दशकों से भारामल मंदिर के मुख्य महंत थे। उनका क्षेत्र में बहुत प्रभाव था। 

बदमाशों को देख तीसरा सेवक जंगल में भागा 
घायल सेवक नन्हे ने बताया कि बदमाशों के हमले के दौरान मंदिर परिसर में तीसरा सेवक जग्गू भी था। उसे भी चोट लगी है। वह घबराकर अपनी जान बचाने के लिए अंधेरे में जंगल की ओर भाग गया। 

हत्यारों को पकड़ने के लिए वन विभाग की मदद ली जा रही है। पुलिस की आठ टीम के साथ ही वन विभाग और एसओजी टीम हत्यारों को ढूंढ रही हैं। सुरई वन क्षेत्र का एक हिस्सा यूपी के पीलीभीत जिले से सटा है। इसलिए यूपी पुलिस को भी बता दिया गया है। फिलहाल सुरई रेंज के प्रवेश द्वारों पर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। - डॉ. मंजूनाथ टीसी, एसएसपी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें