काशीपुर। ब्रह्मलीन एडवोकेट भगवती प्रसाद कोटनाला के गोलोक गमन के बाद उनकी पत्नी निर्मला कोटनाला व उनके पुत्र संदीप और कर्नल अमित कोटनाला की सहमति से नेत्रदान हुआ। भगवती प्रसाद की आंखों से दो लोगों के जीवन में रोशनी आएगी।
भगवती प्रसाद के ब्रह्मलीन होने के समाचार पर 25 मई की रात को वसुधैव कुटुम्बकम काशीपुर के दायित्वधारियों की देखरेख में मुरादाबाद से आई टीम ने दान की गई आंखें (कॉर्निया) प्राप्त की। इस नेत्रदान में जितेन्द्र दत्त देवलाल, राजकुमार सेठी, सुनील चौहान व डॉ गिरीश तिवारी का विशेष सहयोग रहा। संस्था के संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल ने बताया कि नेत्रदान के लिए कोई उम्र की सीमा नहीं होती है। एक साल के बच्चे से लेकर 90 वर्ष के बुजुर्ग तक नेत्रदान कर सकते हैं।