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रुद्रपुर में ट्रांसपोर्टनगर के निर्माण में फिर लगा अड़ंगा

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हरीश चंद्र कांडपाल, उपाध्यक्ष, डीडीए। - फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर के निर्माण में आ रही बाधाएं दूर नहीं हो पा रही हैं। ट्रांसपोर्ट नगर के लिए चिह्नित 38 एकड़ जमीन जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) को हस्तांतरित करने का शासनादेश जारी होने के बाद फाइनल नपत में आठ एकड़ जमीन और पाई गई है। विकास प्राधिकरण ने सर्किल रेट के अनुसार जमा होने वाले 30 करोड़ रुपये माफ कर जनहित में जमीन निशुल्क देने की मांग की है। शासन स्तर से 46 एकड़ जमीन के संशोधित शासनादेश के साथ ही शुल्क माफी को लेकर फैसला होना है। इसके बाद ही ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।
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दरअसल, रुद्रपुर में लंबे समय से ट्रांसपोर्ट नगर की मांग की जा रही है। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्रांसपोर्ट नगर के निर्माण की घोषणा की थी। इसके लिए फाजलपुर महरौला में 38 एकड़ जमीन चिह्नित की गई थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इस मामले में कागजी कार्यवाही शुरू हुई थी। जमीन हस्तांतरण का शासनादेश भी जारी हो गया था। ट्रांसपोर्ट नगर में व्यावसायिक वाहनों के लिए टर्मिनल, मोटर पार्ट्स और मेकेनिकों के लिए दुकानें, गोदाम, होटल, बैंक, एटीएम कक्ष, सड़कें, ट्रांसपोर्ट कंपनियों के लिए दफ्तर सहित अन्य निर्माण होने हैं, लेकिन 40 करोड़ के प्रोजेक्ट में फिर से तकनीकी पेच फंस गया है। शासन को बढ़ी हुई जमीन के एवज में लिए जाने वाले शुल्क पर फैसला करना है और जमीन हस्तांतरण को लेकर संशोधित शासनादेश होना है।
- ट्रांसपोर्ट नगर के लिए प्रस्तावित 38 एकड़ जमीन के हस्तांतरण का शासनादेश जारी हो गया था, लेकिन नपत में छूटी आठ एकड़ जमीन को भी इसी योजना में शामिल किया गया है और अब 46 एकड़ जमीन का शासनादेश होना है। जमीन के एवज में करीब 30 करोड़ रुपये का शुल्क जनहित में माफ करने और निशुल्क प्राधिकरण को देने का अनुरोध शासन से किया गया है। शासन में निर्णय के बाद ही इसका निर्माण शुरू हो सकेगा।
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-हरीश चंद्र कांडपाल, उपाध्यक्ष, जिला विकास प्राधिकरण।
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