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Uttarakhand: चार फर्जी खातों से किया 2.87 करोड़ का लेन-देन, राइस मिलर पिता-पुत्र पर केस; ऐसे देते थे झांसा

Fri, 20 Sep 2024 11:32 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर

सार

राइस मिलर की ओर से फर्म में काम करने वाले जनजातीय परिवार के सदस्यों के नाम से चार फर्जी खाता खुलवाकर 2.87 करोड़ का लेनदेन करने का मामला सामने आया है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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राइस मिलर की ओर से फर्म में काम करने वाले जनजातीय परिवार के सदस्यों के नाम से चार फर्जी खाता खुलवाकर 2.87 करोड़ का लेनदेन करने का मामला सामने आया है। खाता ऑडिट कर रहे जांच अधिकारियों के पीड़ित परिवार से इनकम टैक्स रिटर्न की रसीद मांगने पर राज खुलकर सामने आया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने राइस मिलर पिता-पुत्र के विरुद्ध केस दर्ज किया है।

ग्राम पिंडारी निवासी रामेश्वरी पत्नी धन सिंह ने कोर्ट में बताया कि वह जनजाति परिवार से हैं। उसके पति धन सिंह राइस मिल और निरंजनलाल सत्यनारायण कृषि उत्पादन मंडी समिति में पल्लेदारी का काम करते थे। बाद में मिल के स्वामी रामऔतार गोयल ने उसके बेटे पप्पू सिंह को छोटा मुनीम बना दिया।

महिला ने आरोप लगाया कि फर्म के मालिक रामऔतार और उसके बेटे मोहित गोयल ने उन्हें सरकार की ओर से भूमिहीन अनुसूचित जनजाति महिलाओं की आर्थिक मदद की योजना से लाभान्वित करने का झांसा दिया। दोनों ने बैंक में खाता खुलवाने को कहते हुए सबके पैन कार्ड बनवा दिए।

इसके बाद दिसंबर 2018 में गवाह बनते हुए मोहित ने उनकी दोनों बेटियों अभिनेश और मिथलेश के नाम से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में खाता खुलवाया और पासबुक अपने पास रख लीं। इसके दो-तीन माह बाद बैंक में दस्तावेज जमा करने की बात कहकर पूरे परिवार का आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो ले लिए।

बैंक से आर्थिक सहायता तो नहीं मिली लेकिन खाता खुलने के डेढ़ साल बाद खातों का ऑडिट करने वाले जांच अधिकारी घर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि उनके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते में लाखों का लेनदेन हुआ है। अधिकारियों ने उनसे इनकम टैक्स जमा करने की रसीद मांगी।

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इस बारे में पूछने पर फर्म स्वामी और उसके बेटे ने पति और बेटे को धमकाते हुए नौकरी से निकाल दिया। पति ने बैंक में जानकारी ली तो पता चला कि उनके परिजनों के नाम पर छह खाते संचालित हैं, जिनमें से चार अकाउंट फर्जी हैं। इन खातों से करीब 2.87 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है।

शिकायती पत्र देने पर भी नहीं हुई कार्रवाई

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आरोप लगाया कि उनके नाम के फर्जी खातों का संचालन फर्म के स्वामी रामऔतार गोयल और उसका पुत्र मोहित गोयल करते थे। दोनों ने मिलकर फर्जी हस्ताक्षर से लेनदेन किया है। बताया कि इस मामले में जब कानूनी कार्रवाई करनी चाही तो फर्म के मालिक और उसके पुत्र ने परिवार को खूब डराया और धमकाया। बताया कि प्रभारी निरीक्षक और एसएसपी दोनों को शिकायती पत्र सौंपने के बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्हें मजबूरन न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।

कथित फर्जी खातों में लेनदेन का ब्योरा

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रामेश्वरी ने प्रार्थना पत्र में बताया कि फर्जी अंगूठा लगाकर उसके पति धन सिंह के नाम से खाता खोला गया। इसमें करीब 42.50 लाख रुपये का लेनदेन किया गया।रामेश्वरी, अभिनेश और मिथलेश के नाम से खोला गया संयुक्त खाता फर्जी है। इसमें कोई तोहित खान गवाह है। इसमें करीब 1.14 करोड़ का लेनदेन किया है। बताया कि उसके बेटे पप्पू और बहू रूपवती के नाम से भी खोले खाते से करीब 51 लाख रुपये का लेनदेन है। पुत्री मिथलेश और दामाद नरसिंह के नाम से खोले गए फर्जी खाते से करीब 78 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। 

मिल स्वामी और उसके पुत्र के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द ही, गिरफ्तारी भी की जाएगी।
- बीएस चौहान, सीओ

 

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