राइस मिलर की ओर से फर्म में काम करने वाले जनजातीय परिवार के सदस्यों के नाम से चार फर्जी खाता खुलवाकर 2.87 करोड़ का लेनदेन करने का मामला सामने आया है। खाता ऑडिट कर रहे जांच अधिकारियों के पीड़ित परिवार से इनकम टैक्स रिटर्न की रसीद मांगने पर राज खुलकर सामने आया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने राइस मिलर पिता-पुत्र के विरुद्ध केस दर्ज किया है।
ग्राम पिंडारी निवासी रामेश्वरी पत्नी धन सिंह ने कोर्ट में बताया कि वह जनजाति परिवार से हैं। उसके पति धन सिंह राइस मिल और निरंजनलाल सत्यनारायण कृषि उत्पादन मंडी समिति में पल्लेदारी का काम करते थे। बाद में मिल के स्वामी रामऔतार गोयल ने उसके बेटे पप्पू सिंह को छोटा मुनीम बना दिया।
महिला ने आरोप लगाया कि फर्म के मालिक रामऔतार और उसके बेटे मोहित गोयल ने उन्हें सरकार की ओर से भूमिहीन अनुसूचित जनजाति महिलाओं की आर्थिक मदद की योजना से लाभान्वित करने का झांसा दिया। दोनों ने बैंक में खाता खुलवाने को कहते हुए सबके पैन कार्ड बनवा दिए।
इसके बाद दिसंबर 2018 में गवाह बनते हुए मोहित ने उनकी दोनों बेटियों अभिनेश और मिथलेश के नाम से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में खाता खुलवाया और पासबुक अपने पास रख लीं। इसके दो-तीन माह बाद बैंक में दस्तावेज जमा करने की बात कहकर पूरे परिवार का आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो ले लिए।
बैंक से आर्थिक सहायता तो नहीं मिली लेकिन खाता खुलने के डेढ़ साल बाद खातों का ऑडिट करने वाले जांच अधिकारी घर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि उनके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते में लाखों का लेनदेन हुआ है। अधिकारियों ने उनसे इनकम टैक्स जमा करने की रसीद मांगी।
शिकायती पत्र देने पर भी नहीं हुई कार्रवाई
कथित फर्जी खातों में लेनदेन का ब्योरा
मिल स्वामी और उसके पुत्र के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द ही, गिरफ्तारी भी की जाएगी।
- बीएस चौहान, सीओ