पंतनगर। डौली रेंज के जंगल में मृत मिले बाघ का विसरा आईवीआरआई बरेली और घटनास्थल की मिट्टी के सैंपल जांच के लिए रुड़की भेजे गए हैं। वन विभाग को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि बाघ की मौत किसी वाहन से टकराकर सिर पर आई चोट से होना माना जा रहा है। मामले में वन अपराध दर्ज किया गया था।
मंगलवार को बौड़खत्ता मार्ग पर गश्त कर रहे वनकर्मियों को कोटखर्रा द्वितीय बीट के पास वन मार्ग किनारे एक बाघ का शव पड़ा मिला था। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया। आठ साल के बाघ के सभी अंग सुरक्षित मिले थे। बाघ की मौत की वजह से सिर पर चोट लगने से होने की बात सामने आई थी।
खनन सत्र, लकड़ी कटान के अलावा इस रास्ते का प्रयोग इमलीघाट से धौराडाम जाने के लिए होता है। ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि रास्ते से गुजर रहे किसी वाहन से बाघ टकराया है और सिर पर चोट लगने से मौत हुई है। इधर बाघ का शव मिलने वाली जगह के एक किलोमीटर के दायरे में वनकर्मियों ने कांबिंग की लेकिन कुछ नहीं मिला।
बाघ के सिर पर गंभीर चोट आई थी। यह चोट वाहन से टकराने पर आई हो सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह से साफ हो सकेगी। वन अपराध दर्ज कर जंगल में कांबिंग भी कराई गई थी। विसरा जांच को आईवीआरआई बरेली को भेजा गया है, साथ ही घटनास्थल से लिए मिट्टी के सेंपल रुड़की प्रयोगशाला को जांच को भेजे हैं।
- अनिल जोशी, एसडीओ, तराई पूर्वी वन प्रभाग