प्रेमचंद के काफी देर तक होटल न पहुंचने पर जब उनकी खोजबीन शुरू हुई तो वनखंडी मंदिर के पीछे साइकिल पड़ी मिली। कुछ दूरी पर झाड़ियों में उनका क्षत विक्षत शव बरामद हुआ। परिजनों ने बताया कि वह अविवाहित थे और अपने भाई के बेटे नवीन चंद के साथ रहते थे। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। वन क्षेत्राधिकारी महेश चंद्र जोशी ने बताया कि कि बाघ को पकड़ने के लिए घटनास्थल के आसपास पिंजरा लगा दिया गया है।