रामपुर रोड निवासी शिवकुमार अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि वह 23 दिसंबर को अपने कार्यालय में बैठे थे। उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आया था। कॉलर ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उनको झांसे में लिया और परिवार के सदस्यों की झूठी गिरफ्तारी का दबाव बनाकर उससे 80,000 रुपये की ठगी कर ली। उन्होंने पुलिस से रुपये वापस दिलाने और आरोपी पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आरोपी को चिह्नित करने की कार्यवाही शुरू कर दी है। संवाद
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आंगनबाड़ी कर्मी बनकर लगाई एक लाख की चपत
रुद्रपुर।
साइबर अपराधी ने खुद को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बताकर एक व्यक्ति से एक लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
प्रीत विहार काॅलोनी निवासी जाकिर ने पुलिस को बताया कि 11 नवंबर को उनके नंबर पर अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया था। उसने खुद को आंगनबाड़ी कर्मी बताया था। कहा था कि सरकार की ओर से उसके बच्चे के लिए छह हजार रुपये की धनराशि आई है और रुपये लेने के लिए उनको ऐनी डेस्क एप डाउनलोड करना होगा। उन्होंने उक्त व्यक्ति की ओर से व्हाट्सएप पर भेजे गए लिंक से एप डाउनलोड किया और अज्ञात व्यक्ति के बताई बातों को मानता रहा। चार दिन बाद उनके बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से 99,999 रुपये निकाल दिए गए। पुलिस ने अज्ञात अपराधी को चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। संवाद