खटीमा। भारी जद्दोजहद के बाद रेलवे स्टेशन के सामने बने पुराने शौचालय को प्रशासन ने जेसीबी से ढहा दिया। शौचालय में रहने वाले परिवार ने एसडीएम की चेतावनी के बाद अपना घरेलू सामान निकाल कर शौचालय खाली कर दिया।
शुक्रवार को अपराह्न करीब तीन बजे जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची तहसीलदार शुभांगिनी ने शौचालय ध्वस्त करवा दिया। पुलिस, राजस्व विभाग एवं नगर पालिका की टीम ने पूर्व सूचना के अनुसार अतिक्रमण ध्वस्त करने की कार्रवाई की। मौके पर राजस्व उपनिरीक्षक दीपेश कुमार, दीपक शुक्ला, सफाई निरीक्षक विजय कुमार आदि मौजूद थे। एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि वार्ड के अन्य अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया जाएगा।
-
प्रशासन गरीब को उजाड़ने के अपने मिशन पर सफल हुआ है। इस स्थान के अलावा नगर के विभिन्न स्थानों के अतिक्रमण को प्रशासन अनदेखा कर रहा है। खटीमा फाइबर्स, पॉलीप्लेक्स व ईस्टर फैक्टरी के साइकिल स्टैंड, पार्किंग स्थल सड़क पर बने हैं। प्रशासन को गरीबों एवं अमीरों के अतिक्रमण पर समानता से कार्रवाई करनी चाहिए।
कविता कापड़ी पत्नी विधायक भुवन कापड़ी।
प्रशासन रसूखदार अतिक्रमणकारियों की अनदेखी कर गरीब को उजाड़ने में लगा है जबकि रसूखदार लोगों को हर तरह से बचाया जा रहा है। गरीब पुष्पा को बिना पूर्व सूचना के दो दिन में हटाया गया। इसको हटाने के लिए 12 घंटे पूर्व बिना सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर के एक नोटिस भी घर में फेंका गया। यह गरीब के साथ अन्याय है।
बॉबी राठौर, अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी।
रेलवे स्टेशन के सामने सुलभ शौचालय के अतिक्रमण से रेलवे यात्रियों एवं वार्ड वासियों को परेशानी होती थी। इसको लेकर लगातार शिकायतें मिलती थीं कि शौचालय का कब्जेदार शौचालय का इस्तेमाल करने वालों को अभद्रता कर भगा देता था।
गौरव सोनकर, भाजपा जिला मंत्री अनुसूचित मोर्चा।
शौचालय पर कब्जा कर रहने वाले परिवार का वार्ड वासियों के प्रति सही व्यवहार नहीं था। यहां पर आने वाले लोगों से अभद्रता कर लड़ाई झगड़ा होता रहता था।
रोहित चौधरी, भाजपा महामंत्री जिला युवा मोर्चा