सितारगंज। दि किसान सहकारी चीनी मिल गन्ना किसानों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। शनिवार को चीनी मिल तकनीकी खराबी की वजह से फिर बंद हो गई। रोजाना 25 हजार क्विंटल पेराई क्षमता वाली चीनी मिल में अभी तक सिर्फ डेढ़ लाख क्विंटल गन्ने की पेराई ही हो सकी है। इसमें भी हजारों क्विंटल गन्ना खराब हो गया है। इससे सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि बीते 29 नवंबर को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ किया था। तब से अब तक मिल सुचारू रूप से संचालित नहीं हो सकी। इससे किसानों में भारी आक्रोश है और वह मिल को संचालित करने वाली कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आए दिन प्रदर्शन कर रहे हैं। मिल सही ढंग से न चलने की वजह से किसानों का गन्ना खेतों में डंप है।
शनिवार को सुबह पांच बजे तकनीकी खराबी आने से मिल में पेराई कार्य ठप हो गया।
वहीं, शुक्रवार को तीन सदस्यीय चीनी मिल के अधिकारियों की तकनीकी जांच समिति ने मिल का निरीक्षण किया। किसान नेता प्रकाश तिवारी ने बताया कि चीनी मिल को बदहाल करने वाले अफसरों से तकनीकी जांच कराना सिर्फ लीपापोती है। उन्होंने अन्य विभागों के अधिकारियों की टीम का गठन कर मिल की जांच कराने की मांग की। कहा कि एक महीने में सिर्फ डेढ़ लाख क्विंटल गन्ना पेराई से ही मिल संचालन की लापरवाही का पता चलता है। चीनी का उत्पादन करने के प्रतिशत को भी विभाग की ओर से स्पष्ट नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि किसानों का गन्ना खरीद कर अन्य चीनी मिलों को डायवर्ट किया जाए। ताकि किसान को नुकसान हो। चेतावनी दी कि जल्द ही चीनी मिल को लेकर जनांदोलन किया जाएगा।
गन्ना तौल न होने से किसानों में गुस्सा
बनबसा (चंपावत)। स्थानीय किसानों का गन्ना पिछले आठ दिन से खरीद केंद्र पर खड़ी 27 ट्रॉलियों में ही सूख रहा है। इससे चिंतित किसान सितारगंज चीनी मिल प्रशासन एवं ट्रांसपोर्ट ठेकेदार से नाराज हैं। उन्होंने गन्ना तौल शीघ्र करने की मांग की है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।
क्षेत्र में इस बार गन्ना खरीद केंद्र काफी देरी में खुला। इस कारण यहां से केवल छोटे-बड़े 11 ट्रकों से करीब सवा दो हजार क्विंटल गन्ना ही चीनी मिल भेजा गया है। क्षेत्र के प्रमुख गन्ना उत्पादक और चीनी मिल डेलीगेट गणेश प्रसाद मौर्य ने बताया कि पिछले आठ दिन से बनबसा में स्ट्रांगफार्म स्थित गन्ना तौल केंद्र से एक भी ट्रक गन्ना सितारगंज चीनी मिल को नहीं भेजा गया है। इस कारण तौल केंद्र पर गन्ना से भरी 30 से अधिक ट्रैक्टर ट्रॉलियां आठ दिन से खड़ी हैं।
धूप में गन्ना सूख रहा है। क्षेत्र के गन्ना उत्पादक उस्मान खान, कैप्टन वीरेंद्र रजवार, युजिन जार्ज, रोनाल्ड फ्रांसिस, जगत सिंह मिताड़ी, खीम सिंह ने बताया कि गन्ना सूखने से किसानों समेत मिल को भी नुकसान होगा। वहीं स्थानीय गन्ना केंद्र प्रभारी इमरोज खान ने बताया कि ट्रांसपोर्ट ठेकेदार के श्रमिक न आने से केंद्र पर गन्ना लदी 27 ट्रॉलियां खड़ी हैं। उच्चाधिकारियों को बताया जा चुका है। शुक्रवार से किसी तकनीकी खामी के कारण चीनी मिल भी बंद है।
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चीनी मिल संचालन में व्यवधान आने एवं श्रमिकों के घर चले जाने से बनबसा से गन्ना उठान नहीं हो पाया। आजकल में बनबसा से गन्ना उठान शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. राजीव कुमार, गन्ना प्रबंधक, सितारगंज।