बाजपुर। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रतनपुरा में 76 बच्चों को पढ़ाने के लिए अध्यापकों की नियुक्ति नहीं होने और तैनात शिक्षकों के देरी से विद्यालय पहुंचने पर बृहस्पतिवार को विद्यार्थियों ने तालाबंदी कर सांकेतिक धरना दिया। साथ ही शिक्षा विभाग और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
सुबह 7:30 बजे तक जब राजकीय उ.मा. विद्यालय में शिक्षक नहीं पहुंचे तो छात्र-छात्राएं भड़क गए। उन्होंने विद्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया और अभिभावकों को सूचना देकर बुलाया। इसके चलते विद्यालय में सुबह 7:30 बजे से 10 बजे तक शिक्षण कार्य बाधित रहा। विद्यालय में तालाबंदी और बच्चों के धरना प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचे बीईओ हवलदार प्रसाद ने उन्हें समझाबुझाकर शांत किया। इसके बाद प्रधानाचार्य समेत स्टाफ को समय पर विद्यालय पहुंचने और शिक्षण कार्य सही ढंग से करने की हिदायत देते हुए पाठन पाठन शुरू कराया। इस मौके पर विद्यार्थियों के साथ अभिभावक रूप सिंह, जयचंद, कुलजीत सिंह, लेखराज, देशराज, प्रताप सिंह, अरविंद, बबलू पाल, संदीप सिंह, प्रदीप सागर, गुड्डू सिंह सुमित, रोहित, सतीश कांबोज आदि थे।
उप प्रधान अशोक कुमार विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती नहीं होने से अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है। अधिकारियों को कई मांग पत्र दिए गए, लेकिन शिक्षकों की तैनाती नहीं हुई। जल्द शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो अभिभावक विद्यालय के गेट में ताला डालने को मजबूर होंगे। इधर, खंड शिक्षा अधिकारी हवलदार प्रसाद ने कहा कि राजकीय उ.मा. विद्यालय रतनपुरा में पांच पद स्वीकृत हैं, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी और विज्ञान विषय के अध्यापक के पद रिक्त हैं। पिथौरागढ़ से अनिवार्य स्थानांतरण के रूप से शिक्षक को भेजा है लेकिन उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। मुख्य शिक्षाधिकारी को इसकी जानकारी दी है। स्थानांतरण की प्रतिक्रिया चल रही है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार वर्तमान में कई शिक्षकों के तबादले हुए हैं। राजकीय उमा विद्यालय रतनपुरा में शिक्षकों की तैनाती के प्रयास किए जाएंगे। अपर शिक्षा निदेशक को इस मामले की जानकारी दे दी गई है।
चार से ये पद रिक्त
अभिभावकों के अनुसार राजकीय उ.मा. विद्यालय में गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषय के अध्यापकों के पद चार साल से रिक्त हैं, जिससे वह बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है।
इनके भरोसे विद्यार्थी
राजकीय उ.मा. विद्यालय में प्रधानाचार्य समेत दो शिक्षक और एक प्रयोगशाला सहायक तैनात हैं। शिक्षकों की कमी से हाईस्कूल समेत अन्य कक्षाओं का परीक्षाफल का स्तर गिरने से अभिभावकों भी चिंतित है।