मौलवी के मोबाइल से मिले अश्लील वीडियो दिखाने के साक्ष्य
अस्थायी मदरसे में छह बच्चियों के यौन शोषण के मामले में जेल भेजे गए आरोपी को कोर्ट ने रविवार सुबह नौ से शाम पांच बजे तक पुलिस को कस्टडी रिमांड में सौंपा था। इस बीच पुलिस ने आरोपी से कड़ी पूछताछ की और उसे अस्थायी मदरसे व बच्चियों के यौन शोषण वाले कमरे में ले गए। पुलिस ने अश्लील वीडियो दिखाने में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद कर लिया। उसमें अश्लील वीडियो दिखाने के साक्ष्य भी मिले। घटना में तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्य भी संकलित किए गए। शाम में पुलिस ने उसे हल्द्वानी उप कारागार भेज दिया। टीम में विवेचक महिला एसआई दीपा अधिकारी, एसओ दिनेशपुर नंदन सिंह रावत, चौकी इंचार्ज बगवाड़ा एसआई जितेंद्र कुमार आदि थे।
दो महीने पहले ही आया था
पुलिस के अनुसार आरोपी दो महीने पहले ही यहां आया था। वह मस्जिद की आड़ में अवैध मदरसा चला रहा था, जहां तमाम बच्चे दीनी तालीम लेने आने लगे थे। यौन शोषण की शिकार छह बच्चियों ने एक महीने पहले ही मदरसे में प्रवेश लिया था। प्रवेश के दो-तीन दिन के बाद से ही मौलवी उन्हें कमरे में ले जाकर अश्लील वीडियो दिखा उनका यौन शोषण करता था।
जहानाबाद में भी खंगाली जा रही कुंडली
पुलिस आरोपी की कुंडली भी खंगाल रही है। दो महीने पहले वह जहानाबाद में रहता था। जहानाबाद में वह कब तक रहा और वहां क्या-क्या किया, इन सबकी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने बयान में जहानाबाद में तनख्वाह कम मिलने की बात कबूली है। ऐसे में अब पुलिस शब्बीर के जहानाबाद में रहने के दौरान किए गए कार्यों का पता भी लगाएगी। पुलिस को शक है कि कहीं जहानाबाद में भी वह किसी अपराध को अंजाम देकर तो यहां नहीं आया।
मौलवी की पीसीआर लेकर तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए हैं। मोबाइल से अश्लील वीडियो दिखाने के साक्ष्य मिले हैं। जिस फोन से बच्चियों को अश्लील वीडियो दिखाई जाती थी, उसे बरामद कर लिया गया है।
- मनोज कत्याल, एसपी सिटी।