हरियाणा के खनौरी सीमा पर हुई किसान शुभकरण की मौत से किसानों में आक्रोश पनप गया। तराई किसान संगठन के बैनर तले किसानों ने धरना-प्रदर्शन करने के साथ ही जुलूस निकाला और हरियाणा सरकार का पुतला फूंका। कहा कि सरकार की ओर से चलाई जा रहीं गोलियों का जवाब किसान दो महीने बाद अपने वोट से देगा। उन्होंने दोषी पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर केस दर्ज करने और मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की।
बृहस्पतिवार को गल्ला मंडी में तराई किसान संगठन से जुड़े किसानों के साथ ही भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। वहां हुई सभा में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि किसान केंद्र सरकार से पूर्व में किए वादे को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। स्वामीनाथन की रिपोर्ट को लागू नहीं किया जा रहा है। किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करने वाली सरकार किसानों पर आंसू गैस के गोले और रबड़ की गोलियां चलवा रही है। इसमें युवा किसान शुभकरण की मौत हुई है। यह लोकतंत्र के लिए शर्मसार करने वाला है।
किसानों की राह पर कील लगाने वालों का रास्ता करेंगे बंद
सभा में वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली जा रहे किसानों की राह पर कीलें बिछाई जा रही हैं। आने वाले चुनाव में किसान वोट मांगने के लिए आने वाले सरकार के लोगों के रास्तों को बंद करने का काम करेगा। इस दौरान किसानों ने दोषी अधिकारियों पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। वहां पर प्रदेश अध्यक्ष बलविंदर सिंह, इकबाल सिंह चीमा, कांवल सिंह, विक्रमजीत सिंह, जसवीर सिंह, सद्दाम पाशा, जमीर मलिक, भाकपा माले के जिला सचिव ललित मटियाली, सुरजीत सिंह बरनाला, हीरा सिंह सहित अनेक मौजूद रहे।
पुलिस ने रोका तो भड़के किसान
गल्ला मंडी में धरना-प्रदर्शन के बाद किसानों ने हरियाणा सरकार के पुतले के साथ शहर में जुलूस निकालने का निर्णय लिया था लेकिन पुलिस अधिकारियों ने किसानों को गल्ला मंडी में ही पुतला फूंकने के लिए कहते हुए जूलूस नहीं निकालने देने की बात कही। इससे किसान भड़क गए और हाथों को बांधकर जुलूस निकालने पर अड़ गए। इस दौरान किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच नोंकझोक भी हुई। किसानों ने पुलिस के रवैये पर आक्रोश जताना शुरू किया तो पुलिस को निर्णय बदलना पड़ा। इसके बाद पुलिस सुरक्षा के बीच किसानों ने जुलूस निकाला और हरियाणा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संवाद