प्रदेश के नए उद्योगों के लिए करें प्लान तैयार : प्रसाद
उत्तराखंड नियामक आयोग के तकनीक सदस्य एमएल प्रसाद ने विद्युत कंपनियों से नए उद्योगों के लिए बिजली आपूर्ति का प्लान मांगा। कहा कि जनसुनवाई के सामने आया कि यहां कंपनियों ने अभी तक कोई प्लान तैयार नहीं किया। तकनीकी दिक्कतों को 15 दिन में दुरुस्त न करने पर 21 दिन बाद पेनाल्टी लगती है। वहां सचिव नीरज सती, वित्त निदेशक दीपक पांडे, तकनीक निदेशक प्रभात किशोर डिमरी, प्रशासन उप निदेशक दीपक कुमार आदि थे। संवाद
छह महीने में ही हो बिल जारी
रुद्रपुर। भारतीय किसान यूनियन काशीपुर के ब्लॉक अध्यक्ष टीका सिंह सैनी ने नियामक आयोग के अध्यक्ष को ज्ञापन दिया। कहा कि प्रदेश बनने के बाद से किसानों के निजी नलकूपों के मीटर लगे हैं। इनका बिल हर छह माह में दिया जाता है लेकिन यूपीसीएल अब हर दो माह में बिल जारी करने वाला है। इससे किसान हर दो माह में बिल अदायगी करने में असमर्थ होंगे। उन्होंने आयोग के अध्यक्ष से पहले की तरह हर छह माह में बिजली बिल जारी कराने की मांग की।
यूपीसीएल की ओर से 27 फीसदी से अधिक और अन्य कंपनियों की वृद्धि दरों को जोड़ें तो करीब 38.66 फीसदी दरों में वृद्धि से उद्योग पलायन करने को मजबूर होंगे। इसके दुष्प्रभाव नियामक आयोग के समक्ष रखे हैं।
- शकील सिद्दीकी, इंडस्ट्रीयल सलाहकार, एसपीएनजी ग्रुप एवं केजीसीसीआई।
बिजली की दरों में 27 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए। इससे फैक्टरियों के उत्पादनों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। महंगाई बढ़ेगी। प्रदेश में आने वाले निवेशक भी महंगी बिजली पर रुचि नहीं दिखा सकेंगे।
- श्रीकर सिन्हा, अध्यक्ष सिडकुल इंटरप्रिन्योर वेलफेयर सोसायटी पंतनगर।