सितारगंज। रोडवेज की कई बसें खटारा हाल में पहुंच गई हैं। ऐसी ही बानगी सितारगंज से किच्छा जाते समय देखने को मिली, जहां यात्री रोडवेज बस में धक्का लगा रहे थे। करीब आधे घंटे तक चालक और परिचालक की मशक्कत के बाद गाड़ी स्टार्ट हुई और फिर रवाना हुई।
चंपावत जिले के टनकपुर डिपो से राजधानी देहरादून और उत्तर प्रदेश, दिल्ली व अन्य कई राज्यों तक बसों का संचालन होता है। परिवहन विभाग की कई ऐसी बसें हैं, जो खटारा होने पर रास्ते में खड़ी हो रही हैं। टनकपुर के एआरएम पवन मेहरा ने बताया कि डिपो में सात से आठ बसों का बॉडी स्ट्रक्चर खराब हो चुका है। डीजल पंप में दिक्कत की वजह से एवरेज भी सही नहीं आ रहा है। बसों की कमी के कारण उन्हें चलाया जा रहा है। विभाग ने करीब 300 बसें खरीदी हैं, जो जल्द ही प्रदेश भर के सभी डिपो को मिलेंगी।
टनकपुर को भी नई बसें मिलनी हैं। जैसे ही नई बसें मिलती हैं तो इनका संचालन भी बंद कर दिया जाएगा। इधर, रुद्रपुर रोडवेज डिपो के एजीएम राकेश शर्मा ने बताया कि बसों का जीवन आठ साल या फिर आठ लाख किमी. से अधिक चलने के बाद खत्म माना जाता है। डिपो में भी बसें ठीक हैं। नई बसें मिलने पर पुरानी बसों को हटा दिया जाएगा।