काशीपुर। यूजीसी के नए नियमों के विरुद्ध काशीपुर में सामाजिक और अन्य संगठनों में रोष है। यूजीसी बिल हटाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर शहर में विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने रैली निकाली। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी कार्यालय में प्रेषित किया।
बृहस्पतिवार को रैली का नेतृत्व एडवोकेट हरीश कुमार सिंह और संजय चतुर्वेदी ने किया। ज्ञापन में समिति ने आरोप लगाया कि यूजीसी का यह फैसला देश की शैक्षणिक व्यवस्था में गंभीर असंतुलन पैदा करने वाला है। यह निर्णय योग्यता, परिश्रम और समान अवसर की संवैधानिक भावना के विपरीत बताया गया जिससे शिक्षाविदों, छात्रों और अभिभावकों में भारी रोष है।
संगठन ने चेताया कि इस निर्णय से समाज में असंतोष, असुरक्षा और असमानता की भावना बढ़ रही है जो राष्ट्र के लिए घातक है। विरोध किसी वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि सबको समान और न्यायपूर्ण अवसर दिलाने के उद्देश्य से है। मांगों में यूजीसी के निर्णय को तत्काल निरस्त करने, शिक्षाविदों की नई समिति गठित कर जनभावनाओं के अनुरूप नई व्यवस्था लागू करने की बात रखी गई।
प्रदर्शन के दौरान पंजाबी सभा, ब्राह्मण सभा, चौहान सभा, विश्नोई सभा, अग्रवाल सभा, क्षत्रिय महासभा, काशीपुर बार एसोसिएशन, छात्रा संघ सहित सवर्ण समाज के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही।
इस दौरान डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रोय, वीपी सिंह, गीता चौहान, राजीव घई, संदीप चतुर्वेदी, अरुण चौहान, सुभाष चंद्र शर्मा, आरसी त्रिपाठी, सुरेश चंद्र जोशी, एडवोकेट गिरजेश खुल्बे, उमेश जोशी आदि मौजूद रहे।