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शिशु सदन अल्मोड़ा भेजा गया बालक प्रियांक

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शिशु प्रियांक को विदा करते अधीक्षक डॉ. पीके सिन्हा व अन्य स्टाफ। - फोटो : KASHIPUR
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तालाब किनारे लावारिस हालत में मिले बालक प्रियांक को शिशु सदन अल्मोड़ा भेज दिया गया है। शनिवार को बाल कल्याण समिति के सदस्य उसे लेकर अल्मोड़ा रवाना हो गए। अगले दो महीने तक बालक शिशु सदन में ही रहेगा। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पात्र दंपती को सौंपा जाएगा।
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शनिवार को बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शीवा ने नर्सिंग वार्ड में पल रहे शिशु का स्वास्थ्य परीक्षण किया। नर्सिंग अधीक्षक नीना खान और वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी शोभा से जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष मोदिनी रस्तोगी, सदस्य अमित श्रीवास्तव, प्रेम सिंह, चाइल्ड लाइन की केंद्रीय समन्वयक सायरा बानो, नंदनी वर्मा ने शिशु को अपने संरक्षण में लिया। अधीक्षक डॉ. पीके सिन्हा सहित नर्सिंग स्टाफ ने बच्चे को विदा किया। आवश्यक मेडिकल सुविधाओं से सुसज्जित एंबुलेंस से बच्चे को ले जाया गया है। इस मौके पर डॉ. कमल जीत सिंह, दिनेश आदि थे।
जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य अमित श्रीवास्तव ने कहा कि शिशु दो माह तक बाल सदन अल्मोड़ा में रहेगा। इसके बाद चयनित आवेदक को सौंपा जाएगा। आवेदन कारा नाम की वेबसाइट पर किया जाएगा। तब तक पुलिस बच्चे के जैविक माता-पिता की तलाश करेगी। बता दें कि 16 नवंबर को ग्राम ढकिया गुलाबो के कुछ युवकों को गांवों के बाहर तालाब के निकट खेत में कपड़े में लिपटा एक नवजात मिला था।
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उसके मुंह में कपड़ा ठुंसा था। ग्रामीणों ने टांडा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बच्चे को सरकारी अस्पताल के नर्सिंग वार्ड में भर्ती कराया था। जिला बाल कल्याण समिति ने बच्चे का नाम प्रियांक रखा था। शनिवार को जब बच्चे को शिशु सदन अल्मोड़ा ले जाया जा रहा था तो नर्सिंग स्टाफ की आंखें नम हो गईं।
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