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नागरिक अस्पताल में आधुनकि सुविधाएं होने के बाद भी मरीज नहीं उठा पा रहा उसका लाभ

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खटीमा के मेलाघाट में भारत-नेपाल सीमा पर चेकिंग करते एसएसबी जवान एवं नेपाल पुलिस। संवाद - फोटो : KHATIMA
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सरकार की ओर से करोड़ों रुपये खर्च कर 100 बेड के नागरिक अस्पताल में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं लेकिन डॉक्टरों की कमी की वजह से क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में जनरल सर्जन, एक और फिजीशियन नहीं होने से रोगियों को पीलीभीत, बरेली, दिल्ली, रुद्रपुर, हल्द्वानी में महंगा इलाज कराना पड़ता है।
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नागरिक अस्पताल में तैनात जनरल सर्जन सितंबर 2021 में कार्यभार ग्रहण करने के बाद से अवकाश पर हैं। अस्पताल में बड़ी जद्दोजहद के बाद एक फिजिशियन यहां तैनात किए गए हैं जो रुद्रपुर से अप- डाउन करते हैं। मानकों के अनुसार एक फिजीशियन की नागरिक अस्पताल को और जरूरत है। अस्पताल के रिकार्ड बताते हैं कि नागरिक अस्पताल में मानकों के अनुसार 30 डॉक्टरों में 22 डॉक्टर हैं। डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की कमी के चलते स्वास्थ्य उपचार संबंधी तमाम उपकरण अब जंग खा रहे हैं। अस्पताल में बेहोशी के वरिष्ठ चिकित्सक हैं लेकिन अस्पताल में आज तक किसी रोगी को बेहोश कर उसके आपरेशन की जरूरत तक नहीं पड़ी।
नागरिक अस्पताल को पॉलीप्लैक्स कारपोरेशन, ईस्टर फैक्टरी सहित खटीमा फाइबर्स की ओर से रोगियों की सुविधा के लिए जो स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, उन्हें चलाने के लिए सरकार की ओर से कर्मचारी नियुक्त नहीं किए हैं। एमआरआई मशीन है लेकिन उसका अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ और न ही तकनीशियन की तैनाती है। अस्पताल में आठ ईएमओ के बजाय वर्तमान में मात्र दो ईएमओ हैं। ब्लड बैंक का ढांचा तो खड़ा कर दिया गया है लेकिन इसके लिए स्टाफ एवं उपकरण तक नहीं हैं।
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इनसेट
मरीजों का भी हो रहा टोटा
खटीमा। सीएचसी का उच्चीकरण कर बनाए गए 100 बेड वाले अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ लेने वाले रोगियों का भी टोटा है। सीएचसी में 400 से 500 प्रतिदिन ओपीडी थी लेकिन 100 बेड वाले नागरिक अस्पताल में इन दिनों पांच सौ से 600 ओपीडी चलती है। बस स्टेशन से अस्पताल तक थ्री व्हीलर, टुक-टुक चालक 20 से 50 रुपये प्रति सवारी लेते हैं। अस्पताल में चलने वाली पार्किंग का शुल्क 15 रुपये प्रति वाहन है। अस्पताल में पर्चा शुल्क 14 रुपये है। मरीज इस खर्चे से भी बचना चाहता है।
अभी तक चालू नहीं हो सकी 10 लाख की मशीन
खटीमा। नागरिक अस्पताल में पिछले सात माह से सी आर्म मशीन पड़ी जंग खा रही है। सी आर्म मशीन का मूल्य लगभग 10 लाख रुपये बताया जा रहा है। यह मशीन हड्डी आपरेशन के दौरान एक्सरे का काम करती है लेकिन इसके अभी कुछ पार्ट्स नहीं पहुंचने की वजह से चालू नहीं हो सकी है।
खटीमा। नागरिक अस्पताल में रखी सी आर्म मशीन अभी कुछ पार्ट्स के अभाव में चालू नहीं हो सकी है। पार्ट्स उपलब्ध होने पर यह मशीन चालूू हो सकेगी। डॉ. वीपी सिंह, हड्डी रोग विशेेषज्ञ, नोडल अधिकारी कोरोना।
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