पुलिस और प्रशासन आचार संहिता के पालन के लिए लगातार अपनी सक्रियता बढ़ाता जा रहा है। इस बार प्रत्याशियों की ओर से दिए जाने तोहफों पर भी निर्वाचन आयोग की नजर होगी। अगर कोई प्रत्याशी उपहार देते हुए पाया जाएगा तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सोशल मीडिया पर भी पुलिस पैनी नजर बनाए हुए है।
विधानसभा चुनाव भयमुक्त और निष्पक्ष कराने के लिए पुलिस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। गोपनीय रूप से प्रत्याशियों और उनके करीबियों पर नजर रखी जा रही है। देखा जा रहा कोई वोट के बदले नोट का लालच तो नहीं दे रहा है क्योंकि चुनाव में प्रत्याशी सिर्फ कैश नहीं बांटते। मतदाताओं को अपनी ओर झुकाने के लिए किसी भी तरह का लालच दे सकते हैं। शराब बंटवाई जा सकती है। दावत कराई जा सकती है।
महिलाओं और बच्चों को कपड़े दिए जा सकते हैं। जरूरतमंदों के घर राशन भिजवाया जा सकता है। शादी-ब्याह का न्योता मिलने पर मोटा लिफाफा दिया जा सकता है। पुलिस ऐसी सभी गतिविधियों का पता लगाना है। ऐसा कोई करेगा तो उसके खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
अगर कोई प्रत्याशी किसी को तोहफा देता है तो यह प्रलोभन की श्रेणी में आएगा। इस तरह की शिकायत मिलने पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। बिना अनुमति किसी भी चीज का वितरण नहीं किया जा सकता है। अगर कोई गैर राजनीतिक संगठन डोनेशन करना चाहता है तो उसे भी अनुमति लेनी होगी।
-अभय प्रताप सिंह, एसडीएम।
ज्यादातर शिकायतें ज्यादा लोगों को साथ लेकर प्रत्याशी के चुनाव प्रचार करने की आ रही हैं। नकदी और शराब पर पुलिस नजर बनाए हुए है। सभी विधानसभाओं में टीमें लगी हुई हैं। आचार संहिता का किसी भी तरह का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
-चंद्र मोहन सिंह, एसपी काशीपुर।
सडीएम अभय प्रताप सिंह- फोटो : KASHIPUR