क्षेत्र में बढ़ते क्राइम को कंट्रोल करने के लिए पुलिस ने अब बाहरी लोगों के सत्यापन के लिए अभियान छेड़ दिया है। रविवार को पुलिस टीमों ने शहर और आसपास के गांवों में बाहरी लोगों का सत्यापन किया।
इस दौरान 12 मकानों में बगैर सत्यापन कराए अवैध रूप से रह रहे किराएदार मिलने पर पुलिस ने मालिकों के चालान काटे। इससे मकान मालिकों में हड़कंप मच गया। एसएसआई ने बताया कि 12 मालिकों के खिलाफ एक लाख रुपये अर्थदंड की कार्रवाई की गई है।
रविवार को प्रभारी कोतवाल प्रवीण सिंह ने पुलिस टीम के साथ नगर के नहर पार, वार्ड संख्या छह, भूमिका कालोनी और पंडरी गांव में किराएदारों का सत्यापन किया। इससे मकान मालिकों में हड़कंप मच गया।
इस दौरान 12 घरों में अवैध रूप से किराएदार रहते मिले। इस पर पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस अधिनियम 2007 की धारा 52 (3), 83 पुलिस अधिनियम के तहत वार्ड संख्या छह में राजेश पुत्र स्व. छेदा लाल, मीरा पत्नी मनीष, शमशुल हसन पुत्र इनायत हुसैन और पंडरी गांव निवासी रिजवान पुत्र शफी अहमद के पांच-पांच हजार के चालान काटे।
इसके अलावा वार्ड संख्या छह निवासी मधु पत्नी सीताराम, जमील अहमद पुत्र खलील अहमद, लक्ष्मी पुत्र ओमवीर रामदुलारी पत्नी दुर्गा प्रसाद, भूमिका कालोनी की ज्योति पत्नी संदीप गुप्ता, पंडरी के मायूब खां पुत्र महबूब खां, फरजाना पत्नी मुबारक और अन्नो पत्नी मजले के दस-दस हजार रुपये के कोर्ट चालान काटे।
एसएसआई ने बताया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा। कहा कि किराएदारों का सत्यापन न कराने वाले मकान मालिक बख्शे नहीं जाएंगे। टीम में सिडकुल चौकी इंचार्ज दिनेश नाथ, सरकड़ा चौकी इंचार्ज योगेश दत्त आदि थे।