चीनी मिल पेराई सत्र के शुभारंभ समारोह में गन्ना किसानों ने गन्ना मूल्य बकाया भुगतान और गदरपुर चीनी मिल के कर्मियों को बाजपुर मिल में समायोजित न करने की मांग को लेकर हंगामा किया। किसान इतने गुस्से में थे कि मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के पहुंचने से पहले ही उन्होंने पूजन कर पेराई सत्र का शुभारंभ करने का प्रयास किया। लेकिन इस बीच कैबिनेट मंत्री आर्य पहुंच गए।
आक्रोशित किसानों ने आर्य को नौ सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर इसे पूरा करने की मांग की। इस पर आर्य ने कहा कि किसानों को उनका हक मिलना चाहिए। वह हमेशा किसानों के पक्षधर रहे हैं। किसानों की भावनाओं का सम्मान होगा। मांगों पर बिंदुवार चर्चा की जाएगी।
रविवार को शुगर मिल पेराई सत्र समारोह में कैबिनेट मंत्री आर्य ने कहा कि चीनी मिल को पिछले 12 सालों में गेस्ट हाउस, वाहन समेत अन्य मदों में बेतहाशा खर्च कर मिल को घाटे में पहुंचाया गया है। घाटे से उबरने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान किसानों ने चीनी मिल का प्रशासक डीएम को बनाने, मिल में पूर्णकालिक मिल महाप्रबंधक नियुक्त करने, बंद गदरपुर चीनी मिल के कर्मियों को बाजपुर मिल में समायोजित न करने सहित नौ सूत्रीय मांग पत्र आर्य को सौंपकर नाराजगी जताई।
यूपी से पांच रुपये कम गन्ना मूल्य देने पर किसानों में भारी आक्रोश था। किसानों ने माइक को हाथ में लेकर नाम लिए बगैर धान खरीद में कैबिनेट मंत्री के साथ रहने वाले राइस मिल स्वामियों पर अंगुली उठाई। इस पर आर्य ने कहा कि गलत काम करने वाले वाला कोई भी हो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इससे पहले कैबिनेट मंत्री आर्य हवन यज्ञ में आहुति दी और गन्ना तौल गेट पर फीता काटकर और मिल चेन में गन्ना डालकर मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ किया। सबसे पहले बैलगाड़ी से गन्ना लेकर आए मोहम्मद यूनुस निवासी बाजपुर गांव और ट्रैक्टर ट्राली चालक टीकाराम निवासी केशोवाला को एक-एक कंबल, बाल्टी और नकद राशि देकर सम्मानित किया। वहां दर्जामंत्री हरमिंदर सिंह लाडी, कांग्रेस नगर अध्यक्ष अंकुर अग्रवाल, सेवा सिंह, डीके जोशी, कुलविंदर सिंह किंदा, अमरप्रताप सिंह, विजेंद्र डोगरा, ज्ञानी अवतार सिंही, केके शर्मा, दलजीत सिंह रंधावा, अमीर अहमद, कामरान खां, चौधरी विजय, गुरजीत सिंह गित्ते आदि थे।