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ऑनलाइन खतौनी की मांग के लिए चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

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ऑनलाइन खतौनी का मांग के लिए तहसील में प्रदर्शन करते विस्थापित परिवार। - फोटो : KASHIPUR
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लालढांग के विस्थापितों ने ऑनलाइन खतौनी जारी करने की मांग के लिए चुनाव बहिष्कार करने की चेतावनी दी। उन्होंने हाथों में काले झंडे लेकर एसडीएम और तहसील कार्यालय तक प्रदर्शन करते हुए जुलूस निकाला और सरकार के खिलाफ जमकर नारेेबाजी की।
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पौड़ी जनपद के लालढांग गांव की भूमि वर्ष 1992 में जिम कार्बेट पार्क के लिए अधिग्रहित की गई थी। उनकी भूमि वर्ग एक क श्रेणी की थी। लालढांग से विस्थापितों को यहां मानपुर व फिरोजपुर में बसाया गया था। यह भूमि वन विभाग की है। रामनगर के बंदोबस्त विभाग ने विस्थापितों को पट्टे आवंटित किए थे। काशीपुर तहसील के अभिलेखों में इन पट्टों का अमलदरामद नहीं हो सका है। इससे उन्हें ऑनलाइन खतौनियां नहीं मिल रही है।
उन्हें जमीनों की खरीद-फरोख्त व बैंक ऋण लेने में दिक्कतें उठानी पड़ी हैं। शुक्रवार को सैकड़ों लोगों ने काले झंडे लेकर मानपुर से एसडीएम कार्यालय तक जुलूस निकाला। एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद वे तहसील पहुंचे। उन्होंने नायब नाजिर जाकिर हुसैन को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन खतौनी न मिलने पर विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। वहां अनिल भारद्वाज, अजीत सिंह, जानकी प्रसाद, बलराज, जगतराम, सोहन सिंह, घनश्याम, नवीन, ासंदीप, समीर कुमार, हिमांशु, कपिल, बीएस बिष्ट, लक्ष्मी, विमला, शोभा, ऊषा आदि थे।
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सरकार को मृत मानकर रखा दो मिनट का मौन
काशीपुर। ऑनलाइन खतौनियों की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले लोगों का कहना है कि पिछले तीन दशक के दौरान सरकार ने उनकी कोई सुध नहीं ली है। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार मृत हो चुकी है। उन्होंने सरकार को मृत मानते हुए तहसील परिसर में उसकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा। संवाद
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