खटीमा। फायर सीजन शुरू होने के बाद वन आरक्षियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से वन विभाग के सामने वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम करना चुनौती बन गया है। खटीमा में एसडीओ कार्यालय में धरने पर बैठे वन बीट अधिकारियों-वन आरक्षियों ने कहा कि जतिक उनकी चार सूत्री मांगें पूरी नहीं होंगी कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
वन बीट अधिकारी-वन आरक्षी संघ के बैनर तले धरने पर बैठे सुरई, किलपुरा, खटीमा, दक्षिणी जौलासाल, रनसाली और शारदा रेंज के वन आरक्षियों ने कहा कि वह जंगलों, वन्यजीवों और पर्यावरण को बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। 24 घंटे ड्यूटी करने के बावजूद उनकी उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने वन सेवा नियमावली 20216 को पूर्व की भांति लागू कर वन आरक्षियों को 100 प्रतिशत पदोन्नति देने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। बता दें कि 15 फरवरी से फायर सीजन शुरू हो चुका है। वहां पर मुकेश कुमार, अरविंद कुमार, किरण, पूजा, सरिता, सुखविंदर सिंह, गंगाराम, गणेश पलड़िया, भगत मेहरा, सूरज कुमार आदि थे।
वन आरक्षियों की मांगें
-वन सेवा नियमावली 2018 को लागू करने
-वन आरक्षियों के कंधे पर एक स्टार लगाने
- पुलिस की तर्ज पर एक माह का अतिरिक्त वेतन देने
- वन आरक्षियों के लिए एचआरए अनुमन्य की मांग