गदरपुर। चलती कार के चालक ने दरवाजा खोला तो उसकी चपेट में आकर पैदल जा रहा युवक जमीन पर गिर गया, जिसे पीछे से आए डंपर ने चपेट में ले लिया। गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए रुद्रपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
काशीपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नूरपुर निवासी आशीष कुमार (32) करतारपुर रोड पर किराए के मकान में परिवार सहित रहता था। वह एक टेंट हाउस में काम करता था। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे आशीष आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील गया था। लौटते समय चकरपुर मोड़ पर पड़ोस से गुजरी कार के चालक ने अचानक दरवाजा खोल दिया। दरवाजे की टक्कर से आशीष सड़क पर गिर गया। इस बीच पीछे से तेज गति से आ रहे डंपर ने आशीष को चपेट में ले लिया। आशीष के सिर पर गंभीर चोट आई। उसे रुद्रपुर ले जाया जा रहा था कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। सूचना पर सिडकुल पुलिस ने आशीष के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।
इधर, आशीष की मौत होने की सूचना पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आशीष अपने पीछे पत्नी सीमा, पांच वर्षीय पुत्र अंश और दो वर्षीय पुत्री अंशिका को रोता बिलखता छोड़ गया है। पुलिस ने डंपर कब्जे में लेकर चालक को हिरासत में ले लिया है, जबकि कार सवार फरार हो गया।
बच्चों की बेहतर परवरिश के लिए गदरपुर आया था आशीष
गदरपुर। बच्चों की बेहतर परवरिश के लिए आशीष करीब पांच साल पहले पैतृक गांव नूरपुर छोड़कर ग्राम मकरंदपुर निवासी अपने बहनोई बलबीर सिंह के बुलावे पर गदरपुर आ गया था। वह यहां करतारपुर रोड पर किराए पर मकान लेकर रहने लगा और उसने चिंतन टेंट हाउस में नौकरी शुरू कर दी। आशीष का विवाह गूलरभोज कोपा कृपाली निवासी सीमा के साथ हुआ था। पत्नी और दो बच्चों के साथ आशीष हंसी खुशी जीवन व्यतीत कर रहा था। आशीष के मृदुल व्यवहार और मिलनसार प्रवृत्ति से हर कोई उसका कायल था। बच्चों के स्कूल में दाखिले के लिए उसे आय प्रमाण पत्र बनवाना था, जिसके लिए वह तहसील गया था। कागजी कार्रवाई के बाद आशीष घर आ रहा था कि काल रूपी मौत के शिकंजे ने उसे अपने आगोश में ले लिया। संवाद