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जिला पंचायत सदस्यों के 5,000 रुपये मानदेय का प्रस्ताव पास

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कोरोना महामारी के बीच पहली बार आयोजित जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में सदस्यों के पांच हजार रुपये मासिक मानदेय समेत कुल सात प्रस्ताव पारित हुए। बोर्ड में विभागीय अधिकारियों के नदारद रहने से नाराज जिला पंचायत सदस्यों ने सीडीओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। हालांकि बाद में सांसद अजय भट्ट के अनुरोध पर उन्होंने निंदा प्रस्ताव वापस ले लिया।
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जिला पंचायत सभागार में सुबह करीब 11 बजे से जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक शुरू हुई। कर अधिकारी कमलेश बिष्ट ने एजेंडे में शामिल पांच प्रस्तावों पर बारी-बारी चर्चा की। सभी प्रस्तावों पर सदस्यों ने अपनी सहमति जताई। इसके बाद सदस्यों का मानदेय पांच हजार रुपये और विभागीय अधिवक्ता का मानदेय दो हजार रुपये करने के प्रस्ताव सदन में पारित किए गए। पार्षदों ने गांवों में कूड़े, नलकूपों की कमी, आधार कार्ड बनने व क्षेत्र में धान खरीद में आ रही दिक्कतों से संबंधित मुद्दों को उठाया।
गुरुग्राम के जिपं सदस्य उत्तम आचार्य ने कहा कि क्षेत्र में आधार कार्ड न बनने व धान खरीद में दलालों की सक्रियता से आम जनता व किसान परेशान हैं। सांसद अजय भट्ट ने कहा कि पांच हजार रुपये मानदेय करने की मांग को वह सीएम तक पहुंचाएंगे। उन्होंने इस साल जिले में धान की रिकॉर्ड खरीद पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार किसानों को एमएसपी देने में सफल रही है। इसी वजह से किसान सरकारी क्रय केंद्रों में पहुंच रहे हैं।
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सीडीओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव मामले में भट्ट ने कहा कि यदि अगली बोर्ड में अधिकारी नहीं पहुंचते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। वहां पर जिपं. उपाध्यक्ष त्रिनाथ विश्वास, किच्छा विधायक राजेश शुक्ला, ईश्वरी प्रसाद गंगवार, भाजपा जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, सुरेश गंगवार, गीता पांडेय, भागीरथी देवी, उदय सिंह, दीपा देवी, विपिन कुमार, अफरोज जहां, जंतुल फिरदौस, सुमन सिंह आदि थे।
उपाध्यक्ष ने उठाए कई सवाल
रुद्रपुर। जिपं उपाध्यक्ष त्रिनाथ विश्वास ने बोर्ड बैठक के दौरान पंचायत राज व्यवस्था पर कई तरह के सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में सदस्यों को 10 हजार रुपये तक मानदेय मिलता है लेकिन उत्तराखंड में इसकी व्यवस्था नहीं है। जिला पंचायतों का बड़ा क्षेत्र होने के बावजूद नाममात्र बजट दिया जा रहा है। ठेकेदार बगैर जिला पंचायत सदस्यों को सूचना दिए टेंडर और सड़क निर्माण कर रहे हैं। कई बार जिला पंचायतों की सड़कों के निर्माण में विधायक श्रेय लेने की कोशिश करते हैं। उन्होंने जिला पंचायत निधि का बजट विधायकों को नहीं देने की मांग की। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे की तरफ इशारा करते हुए कहा कि काम करने वालों पर कुछ लोग गाज गिराने का प्रयास कर रहे हैं।
17 साल बाद मानदेय बढ़ने पर भावुक हुए चौकीदार
रुद्रपुर। बोर्ड बैठक में जैसे ही चौकीदार प्रमोद मिश्रा का मानदेय बढ़ने का प्रस्ताव पारित हुआ तो वह भावुक हो गए। उन्होंने जिपं अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। मिश्रा ने बताया कि वह वर्ष 2003 में 10,500 रुपये मासिक मानदेय में भर्ती हुए थे। उसके बाद आज उनके मानदेय को 15,000 रुपये करने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास हुआ है।
उत्तम उपाध्यक्ष, अनिमा बनीं सदस्य
रुद्रपुर। बंगाली कल्याण समति का शनिवार को गठन किया गया। जिसमें जिला पंचायत सदस्य उत्तम आचार्य को उपाध्यक्ष बनाया गया। जबकि जिला सदस्य को अनिमा सिंह को सदस्य बनाया गया। जिला पंचायत ने समाज कल्याण विभाग को इन दोनों सदस्यों नाम प्रस्तावित किए थे। यह समिति बंगाली समाज के छात्र-छात्राओं के शैक्षिक उन्नयन के लिए कार्य करती है।
बोर्ड बैठक में पारित प्रस्ताव
1-लदान-ढुलान की उपविधियां उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम 2016 के अधीन निर्मित एवं शुल्क वृद्धि।
2- रात्रि चौकीदार के मानदेय में वृद्धि।
3- वित्तीय वर्ष 2020-21 में व्यवसायियों को लाइसेंस पर विलंब शुल्क की छूट।
4-निर्विरोध निर्वाचित सदस्यों को प्रमाण पत्र दिए जाने का प्रस्ताव।
5- जिला योजना वित्तीय वर्ष 2020-21 में होने वाले निर्माण कार्यों के लिए बजट की मांग।
6- अधिवक्ता का मानदेय वृद्धि।
7- जिला पंचायत सदस्यों का मानदेय पांच हजार रुपये करने की मांग।
सांसद ने सदस्यों को दिलाई शपथ
रुद्रपुर। सांसद अजय भट्ट बोर्ड बैठक में करीब तीन घंटे विलंब से पहुंचे। इसके बाद उन्होंने जिला पंचायत सभागार में जयंती पर वल्लभ भाई पटेल और भगवान वाल्मीकि के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय एकता दिवस पर जिला पंचायत सदस्यों को शपथ दिलाई। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विधायक राजकुमार ठुकराल नजर नहीं आए।
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