लावारिस गोवंश को हाईटेक गोशाला का इंतजार
काशीपुर नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी कई बड़े कार्य अब भी अधूरे रह गए हैं। शहर की प्रमुख समस्या बारिश के दौरान मुख्य बाजार में जलभराव से निजात दिलाने के लिए लक्ष्मीपुर माइनर को कवर्ड करने के लिए शासन से स्वीकृति मिल चुकी है। इसके लिए सिंचाई विभाग की ओर से टेंडर निकाले जा चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द इस योजना पर कार्य शुरू हो जाएगा।
लावारिस पशुओं से निजात दिलाने के लिए प्रस्तावित हाईटेक गोशाला की शासन से स्वीकृति नहीं मिल सकी है। हालांकि शासन ने बाजपुर रोड पर जमीन तो उपलब्ध करा दी है लेकिन धनराशि स्वीकृत नहीं हुई है।
मेयर उषा चौधरी ने कहा बोर्ड ने अंतिम दिन तक विकास कार्य करने का काम किया। इसके अलावा निगम क्षेत्र में 1850 सड़कें, नाले, नालियां आैर 28,45,00,000 रुपये से लक्ष्मीपुर माइनर को कवर्ड करने के लिए शासन स्तर से स्वीकृति मिल चुकी हैं।
ये हुए विकास कार्य
- नगर निगम क्षेत्र में 1850 छोटी-बड़ी सड़कें, नाले, नालियां बनाए गए हैं।
- करीब 28,45,00,000 रुपये से लक्ष्मीपुर माइनर को कवर्ड करने की शासन स्तर से स्वीकृति मिल चुकी हैं।
- निगम के बाहरी क्षेत्र व पुराने क्षेत्र में करीब दस हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें व 150 सोलर लाइटें लगवाई गईं।
- पीसीबी की ओर से वायु प्रदूषण रोकथाम के लिए शहर के चार प्रमुख मार्गों पर सड़क पटरी पर करीब साढ़े चार करोड़ की लागत से टाइल्स रोड बनाई गई है।
- निगम क्षेत्र में पांच हाईटेक शौचालय, महिलाओं के लिए मुख्य चौराहा के पास 12 सीटर पिंक शौचालय निर्माणाधीन है।
ये कार्य रह गए अधूरे
- बाजपुर रोड पर प्रस्तावित गोशाला के लिए भूमि तो शासन से मिली, लेकिन साढ़े तीन करोड़ को स्वीकृति नहीं मिली।
- नगर निगम कार्यालय के पीछे साढ़े छह करोड़ की लागत से चार मंजिल शॉपिंग कॉम्पलेक्स की डीपीआर शासन को भेजी है।
- करीब 35 करोड़ की लागत से पुरानी जेल परिसर में चार मंजिला पार्किंग को शासन से स्वीकृति का इंतजार है।
- करीब 63 लाख की लागत से बने एनिमल बर्थ कंट्रोल के टेंडर हो चुके हैं लेकिन अभी शुरू नहीं हो सका है।
- निगम बोर्ड ने अमृत योजना को शहर में लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा और जल निगम को डीपीआर बनाने का कहा है।