भारत बंद आंदोलन पूरी तरह सफल रहा। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर किसानों की तीन कृषि कानून वापस लेने और एमएसपी कानून बनाने की मांग का समर्थन किया और किसानों के साथ व्यापारी व विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतर प्रदर्शन किया।
सोमवार की सुबह सात बजे किसान रामलीला मैदान में एकत्र हुए। यहां कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी समेत कई संगठनों ने किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन किया। किसानों ने रामलीला मैदान से जुलूस निकालकर मुख्य चौराहा, खटीमा चौराहा, अमरिया चौराहा तक प्रदर्शन किया और एकाध जगह पर खुली दुकान के व्यापारी से बंदी को सफल बनाने की अपील की। इस पर एकाध खुली दुकानें भी बंद हो गईं।
अमरिया चौराहे पर आयोजित सभा में किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार जबरन तीन कृषि कानून लादकर किसानों को उद्योगपतियों का गुलाम बनाना चाहती है। भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष गुरसाहब सिंह गिल, गुरसेवक सिंह महार, साहब बिज्टी, जसवंत सिंह जस्सा, कांग्रेस के प्रदेश सचिव नवतेज पाल सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव गुप्ता, सपा नेता योगेंद्र यादव, कांग्रेस के नगराध्यक्ष हरपाल सिंह, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री रामनगीना प्रसाद व महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव मंजू तिवारी आदि ने सभा को संबोधित किया।
वहां व्यापार मंडल महामंत्री मनीष किनरा, डॉ. जगदेव सिंह, चरनजीत सिंह, रंधीर सिंह बल, सत्येंद्र कुमार, मो. अली, सतवंत सिंह बागी आदि थे। इधर, अस्वस्थ्य चल रहे पूर्व विधायक नारायण पाल ने भी किसानों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब किसान तीन कृषि कानून नहीं चाहते हैं तो सरकार को इन्हें वापस लेना चाहिए।
सितारगंज अमरिया चौराहे पर भारत बंद आंदोलन के दौरान सभा करते किसान व अन्य दलों के कार्यकर्ता।- फोटो : SITARGANJ