रुद्रपुर। खुद को गोली मारने वाले 25 वर्षीय युवा कारोबारी ध्रुव चावला को मां की कोशिशें और दुआएं मौत के मुंह से वापस नहीं ला सकीं। 66 घंटे तक जीवन और मृत्यु के बीच झूलते हुए रविवार शाम करीब 4:30 बजे उसकी सांसें थम गईं। मां ने आंसू समेटकर ने रुद्रपुर से लेकर गाजियाबाद तक डॉक्टरों के दरवाजे खटखटाए लेकिन सिर में फंसी गोली ने सारी उम्मीदों को भेद दिया।
बीते बृहस्पतिवार की रात आदर्श कॉलोनी निवासी ध्रुव ने सिविल लाइन रोड स्थित अपनी ही जूते की दुकान में कनपटी पर गोली मार ली थी। इससे पहले रात साढ़े नौ बजे तक घर न पहुंचने पर मां ने उसे काॅल किया था। ध्रुव ने कहा था कि वह कुछ देर बाद घर पहुंच जाएगा। उसके बाद फोन नहीं उठा तो मां ने ध्रुव के पार्टनर हरजिंदर को बताया। रात 11 बजे के आसपास हरजिंदर दुकान पहुंचा तो आधा शटर खुला था। अंदर ध्रुव खून से लथपथ पड़ा था। कांच का दरवाजा तोड़कर उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
एकता ने ध्रुव की जिंदगी बचाने के लिए रुद्रपुर से लेकर गाजियाबाद के नामी अस्पताल तक का रुख किया। वहां भी सिर में फंसी गोली के कारण डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद मां ने उम्मीदें नहीं छोड़ीं और उसे वापस रुद्रपुर लाकर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हर सांस के साथ एक प्रार्थना जुड़ी हुई थी। 66 घंटे तक चली जंग में मां की कोशिशें माैत को मात न दे सकीं। मौत की पुष्टि होने के बाद परिजनों में कोहराम मचा है।
पुलिस जांच में सामने आया कि ध्रुव ने घटना से पहले दुकान के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए थे। दुकान से एक अवैध पिस्टल भी बरामद हुई। एक हंसते-खेलते युवा कारोबारी ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसकी गुत्थी अभी सुलझ नहीं पाई है। सीओ प्रशांत कुमार ने मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच जारी है।
विधायक समेत तमाम लोग पहुंचे मोर्चरी
युवा व्यापारी ध्रुव चावला की मौत की खबर सुनकर विधायक शिव अरोरा के साथ ही तमाम लोग मोर्चरी पहुंचे। विधायक ने सीओ सिटी प्रशांत कुमार से दूरभाष पर वार्ता कर कहा कि युवा अवस्था में कारोबारी का जाना सामान्य सुसाइड है या फिर इसके पीछे अन्य कोई कारण हैं इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मृतक ही परिवार के गुजर बसर का माध्यम था। इस दौरान व्यापारी नेता विजय फुटेला, सुशील गाबा, जगदीश तनेजा, मयंक कक्कड़, कन्नू गुम्बर आदि मौजूद थे।
घटनास्थल, सीसीटीवी व आसपास के लोगों से पूछताछ में यह प्रतीत हुआ है कि कारोबारी ने खुद को गोली मारी है। पूरे मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। घायल की हालत नाजुक है। -अजय गणपति, एसएसपी
उठ रहे कई सवाल : आत्महत्या, दुर्घटना या साजिश
बेटे की जिंदगी बचाने की जद्दोजहद के बाद अब सवालों का बोझ और भारी हो गया है। क्या यह आत्मघाती कदम था, कोई दुर्घटना या फिर किसी साजिश का हिस्सा। इन सभी पहलुओं की जांच पुलिस कर रही है। पुलिस आसपास के दुकानदारों और परिजनों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों को समझा जा सके। शहर में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। मौके से एक अवैध तमंचा, चार जिंदा कारतूस और एक खाली कारतूस बरामद हुए थे। इन्हें कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हथियार किसका था और ध्रुव तक कैसे पहुंचा। जांच का एक अहम आधार कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी है। ध्रुव के मोबाइल फोन की कॉल हिस्ट्री और मैसेज की पड़ताल की जा रही है ताकि घटना से पहले उसके संपर्कों और मानसिक स्थिति के बारे में स्पष्ट संकेत मिल सकें। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है और जल्द ही पूरे मामले के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।