रुद्रपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से आपदा प्रबंधन की समीक्षा की। आपदा की स्थिति में राहत व बचाव कार्य तत्काल शुरू हो जाने चाहिए। रिस्पांस टाइम कम होना चाहिए। उन्होंने आपदा की चुनौती से निपटने के लिए अलर्ट रहने व सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने डीएम को निर्देश दिए कि जिले में आपदा प्रबंधन के लिए जो धनराशि दी जा रही है, उसका आपदा मानकों के अनुसार अधिकतम उपयोग हो। आपदा प्रभावितों को मानकों के अनुसार से मुआवजा मिले। बारिश या भूस्खलन से सड़क, बिजली, पानी की आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में कम से कम समय में आपूर्ति सुचारु की जाए।
आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों में जेसीबी व ट्रैकिंग सिस्टम की व्यवस्था हो। सभी सैटेलाइट फोन चालू अवस्था में रहें। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर एसडीआरएफ की टीमें बढ़ाई जाएं। जिन जिलों में ड्रेनेज सिस्टम की समस्याएं हैं, उनका ड्रेनेज प्लान शीघ्र भेजें। एडीएम डॉ. ललित नारायण मिश्र ने बताया कि आपदा के दृष्टिगत जिले में सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद में 29 बाढ़ चौकी व आठ बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा चुके हैं। जिले में जलभराव व बाढ़ वाले 52 अति संवेदनशील व 68 संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। जिला प्रशासन की मांग पर मुख्यमंत्री ने खटीमा, सितारगंज, काशीपुर व बाजपुर में पक्के हेलीपैड के निर्माण के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों स्टीमेट बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में सीएमओ डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी, पीडी हिमांशु जोशी, सीएफओ वीबी यादव, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी, एई जल संस्थान जेपी सिंह, एई जल निगम पल्लवी चौधरी, ईई यूपीसीएल एसके तिवारी, ईई सिंचाई पीके दीक्षित आदि थे।