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Udham Singh Nagar News: कुविवि नैनीताल ने चंद्रावती महाविद्यालय की मान्यता पर लगाई रोक

Wed, 21 Jan 2026 01:28 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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काशीपुर। चंद्रावती तिवारी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय के भूमि विवाद का प्रकरण कोर्ट और राजस्व परिषद में विचाराधीन है। कुविवि नैनीताल ने शैक्षिक सत्र 2025-26 की मान्यता पर अस्थायी रोक लगाकर एसडीएम से आख्या मांगी है। इस दौरान कॉलेज में अध्ययनरत छात्राओं का भविष्य अधर में लटका है। इस बात की भनक छात्राओं को नहीं है।
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काशीपुर निवासी पवन कुमार ने 13 नवंबर 2025 को कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के लोक सूचना अधिकारी कुलसचिव को पत्र भेजा था। इसमें उन्होंने पं. गोविंद बल्लभ पंत शिक्षा समिति की ओर से संचालित चंद्रावती कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीएड और डिग्री कॉलेज खोलने के लिए किस तारीख व वर्ष को आवेदन विभाग में करने समेत चार बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। कुलसचिव ने जवाब में कहा कि चंद्रावती महाविद्यालय के विरुद्ध विभिन्न स्तरों से प्राप्त शिकायती पत्रों पर कार्रवाई की जा रही है।
कहा कि इस महाविद्यालय के भूमि विवाद का प्रकरण कोर्ट-राजस्व परिषद में विचाराधीन है। इस कारण से विश्वविद्यालय स्तर से जांच करना औचित्यपूर्ण नहीं है। कॉलेज में संचालित पाठ्यक्रमों की शैक्षिक सत्र 2025-26 की अस्थायी संबद्धता विस्तारण के लिए प्राप्त प्रस्तावों पर कार्यवाही रोकी गई है। एसडीएम काशीपुर से महाविद्यालय के भूमि संबंधी प्रति परीक्षण आख्या मांगी गई है। आख्या सकारात्मक होने पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
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कोट
पं. गोविंद पंत बल्लभ पंत समिति ने चंद्रावती महाविद्यालय की भूमि के संबंध में कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल से सूचना मांगी थी। कुविवि नैनीताल के कुलसचिव ने जवाब दे दिया है। इसमें उन्होंने सत्र 2025-26 की मान्यता पर अस्थायी संबद्धता विस्तारण के लिए प्राप्त प्रस्तावों पर कार्यवाही रोक दी है। - पवन कुमार, आवेदक

चंद्रावती महाविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों की शैक्षिक सत्र 2025-26 की अस्थायी संबद्धता विस्तारण के लिए प्राप्त प्रस्तावों पर कार्यवाही रोकी गई है। एसडीएम काशीपुर को पत्र भेजकर महाविद्यालय के भूमि संबंधी प्रति परीक्षण आख्या मांगी गई है। आख्या सकारात्मक होने पर ही मान्यता के संबंध में आगे कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल, कुलसचिव, कुविवि नैनीताल

कॉलेज में करीब 700 छात्राएं अध्ययनरत हैं। मान्यता के संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है। कॉलेज में विधिवत परीक्षाएं चल रही हैं। यह बिना बात के विवाद उठाया जा रहा है, जो मामला न्यायालय में है उसके आधार पर कैसे विश्वविद्यालय मान्यता बंद कर सकता है। विश्वविद्यालय ऐसा कर रहा है तो गलत कर रहा है। जो मामला न्यायालय के अधीन है और जिसका निर्णय नहीं हुआ है तो उस आधार पर कैसे मान्यता रोक सकता है। यदि छात्राओं के भविष्य के साथ इस तरह विश्वविद्यालय ने खिलवाड़ किया तो हम भी कोर्ट जाएंगे। - डॉ. दीपिका गुड़िया आत्रेय, उप प्राचार्य, चंद्रावती तिवारी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय काशीपुर
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