रुद्रपुर। सरकारी स्कूलों के नौनिहाल कुछ समय पहले स्कूलों में मिड-डे मील के लिए ताजी व पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध कराने, कुपोषण से लड़ने के उद्देश्य से बनाए गए किचन गार्डन की बजाए अब अक्षय पात्र फाउंडेशन की ओर से संचालित रसोई की सब्जियों का स्वाद ले रहे हैं।
जिले में माध्यमिक के 127 व प्रारंभिक के 986 विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब दो लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। गदरपुर स्थित अक्षय पात्र फाउंडेशन की अत्याधुनिक रसोई से जिले के 170 विद्यालयों के करीब 50 हजार बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध करा रनी है। अक्षय पात्र फाउंडेशन और शिक्षा विभाग के सहयोग से 63वें मिड डे मील किचन का शुभारंभ 2021 में किया गया था। उत्तराखंड की दूसरी और देश की 63वीं सबसे बड़ी रसोई का तकरीबन दो एकड़ भूमि पर पांच करोड़ रुपये से निर्माण किया गया था।
प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत देश में कोई भी बच्चा भूख और कुपोषण के कारण शिक्षा से वंचित न रह पाए, इसी सोच के साथ अक्षय पात्र रसोई की शुरुआत की गई है। इस अत्याधुनिक रसोई में आधुनिक मशीनों से भोजन बनाया जाता है। इन मशीनों से एक बार में एक कुंतल आटा गूंथने के साथ ही 20 हजार रोटी, 1200 लीटर दाल और 100 किलो चावल बन जाते हैं। भोजन के निर्माण और उसकी आपूर्ति के लिए रसोई में 70 कार्मिक भी तैनात किए गए हैं।
कोट
जिले में करीब 170 विद्यालयों के 50 हजार से अधिक बच्चों को सरकार की ओर से मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य सरकार एक से लेकर बारहवीं कक्षा तक के बच्चों को निःशुल्क किताब, बैग भी उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही स्कूलों में हर प्रकार की व्यवस्था कर रही है ताकि बच्चों को पठन-पाठन में कोई परेशानी न हो। - केएस रावत, सीईओ।