काशीपुर। नए सत्र में पढ़ाई को और भी बेहतर बनाने के लिए स्कूलों ने तैयारी शुरू कर दी है। कोरोना के बाद छात्र और शिक्षकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने की तैयारी की जा रही है जिससे पढ़ाई का माहौल बेहतर बन सके। कक्षाओं में बच्चों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही कार्यक्रम आयोजित करके अभिभावकों से भी संपर्क साधा जाएगा। इसके अलावा क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के समकक्ष बनाया गया है ताकि अधिक से अधिक बच्चे स्कूल से जुड़ें।
नए सत्र की स्कूलों ने शुरू की तैयारी
आज से स्कूलों में कक्षा एक से कक्षा आठ तक की कक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। उप खंड शिक्षा अधिकारी गीतिका जोशी ने बताया कि ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद विद्यार्थियों के लिए सरकारी स्कूलों में अधिक से अधिक प्रवेश के लिए प्रोग्राम की शुरुआत की जाएगी। ऑनलाइन कक्षा में वर्चुअल उपस्थिति के कारण शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच होने वाला वह भावनात्मक जुड़ाव नहीं हो पाया था। अब स्कूल खुलने पर इस पर भी काम किया जाएगा।
अभिभावकों को साथ देना होगा
-कोरोना संक्रमण के चलते ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों में लिखने-पढ़ने की क्षमता में कमी देखने को मिली है। इसलिए अभिभावकों को भी साथ देना होगा। अभिभावक अपने बच्चों को घर पर न्यूज पेपर रीडिंग कराएं। लिखना-पढ़ना भी कराया जाए।
मोहम्मद अमीन अंसारी, सहायक अध्यापक गणित
- ऑनलाइन पढ़ाई के बाद जब बच्चे ऑफलाइन क्लास में पहुंचे तो छात्रों में समझ की कमी भी नजर आई। बच्चों के विकास पर भी असर पड़ा है। अब हर चीज पर काम करना होगा। बच्चों को कोविड गाइडलाइन का पालन करना भी सिखाना होगा।
राकेश खत्री, प्रवक्ता अर्थशास्त्र, राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज, बांसखेड़ा, काशीपुर।
एक अप्रैल से स्कूल खुल रहे हैं। शहर के कई स्कूलों को बच्चों को आकर्षित करने के लिए निजी स्कूलों के समकक्ष बनाया गया है। साथ ही शिक्षकों से कहा गया है कि वह अभिभावकों से मिलें और अधिक से अधिक बच्चों को सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिलाने का प्रयास करें। स्कूल चलो अभियान अभी बोर्ड परीक्षा के चलते शुरू नहीं हो सका है लेकिन जल्द ही मुख्यालय से इस संबंध में आदेश आने की उम्मीद है।
गीतिका जोशी, उप खंड शिक्षाधिकारी, काशीपुर।
राकेश खत्री- फोटो : KASHIPUR
मोहम्मद अमीन अंसारी।- फोटो : KASHIPUR