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वन विभाग ने साल के आठ गिल्टों से लदी ट्रैक्टर-ट्राली पकड़ी, चालक फरार

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टीमा में पकड़ी गई ट्रैक्टर-ट्राली में लदे साल के गिल्टों की नपत करते वन कर्मी। - फोटो : KHATIMA
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खटीमा। वन रेंज खटीमा की टीम ने साल के आठ गिल्टे लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी है। रेंजर राजेंद्र मनराल ने बताया कि शनिवार की देर रात पहेनिया-भूड़ाकिसनी रोड पर वन विभाग की टीम ने नाकेबंदी की। टीम को ढाई बजे ट्रैक्टर संख्या 06एएम-4260 आता दिखाई दिया। रुकने के संकेत के बाद भी वाहन चालक ने ट्रैक्टर-ट्राली दौड़ा दी। टीम ने पीछा किया लेकिन कुछ फासले पर ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर छोड़ अंधेरे में भाग निकला। तलाशी में टीम को पुआल से ढके आठ साल के गिल्टे बरामद हुए। साल से लदी ट्राली खटीमा रेंज की पौधशाला परिसर में खड़ी कर दी गई। वन टीम में धन सिंह अधिकारी, जागेश वर्मा, संतोष भंडारी, भैरव सिंह बिष्ट, उत्तम सिंह राणा, मिथलेश कुमार आदि थे।
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ग्रामीण क्षेत्रों से लकड़ी का कटान धड़ल्ले पर
खटीमा। ग्रामीण क्षेत्र से चोरी छिपे बेशकीमती इमारती लकड़ी की यूपी तस्करी बेरोकटोक जारी है। वन विभाग हरे पेड़ों के कटान एवं बेशकीमती लकड़ी चोरी नहीं होने की बात करता है लेकिन आए दिन लकड़ी चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। वन माफिया राजस्व विभाग एवं वन विभाग की अनुमति बताकर ग्रामीण क्षेत्र में काश्तकारों के खेत में खड़े हरे और इमारती पेड़ काट लेते हैं और वाहनों में लादकर रात्रि के समय चोर रास्तों से यूपी सीमा तक ले जाते हैं। चोरी छिपे रात्रि में निकलने वाले यह वाहन नानकसागर से प्रतापपुर, नौसर, सुनपहर, उलानी, मोहनपुर आदि से यूपी सीमा में प्रवेश कर लेते हैं। इधर, तहसीलदार यूसुफ अली बताते हैं कि किसानों के खेत में खड़े पेड़ आदि के कटान में स्वीकृति के लिए हल्का पटवारी की रिपोर्ट लगती है। फिलहाल कुछ समय से तहसील से कोई स्वीकृति नहीं दी गई है। कही ऐसी शिकायत मिलती है तो उसकी जांच की जाएगी। वहीं, रेंजर राजेंद्र सिंह मनराल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में कटने वाले सागौन, साल की स्वीकृति डीएफओ स्तर से की जाती है, जबकि आम के लिए उद्यान विभाग स्वीकृति देता है। पॉप्लर और यूकेलिप्टस, बांस को काटने के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है।
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