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आशाओं को टेबलेट नहीं वेतन दे सरकार

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बाजपुर सीएचसी गेट पर प्रदर्शन करतीं आशाएं। - फोटो : BAZPUR
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सीएम की ओर से आशाओं को टेबलेट देने की घोषणा से आशाएं नाखुश हैं। आशाओं ने कहा कि मासिक वेतन समेत 12 सूत्री मांगों को सरकार पूरा करे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो जल्द सीएम का घेराव किया जाएगा।
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उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की ओर से शनिवार को 27वें दिन भी आशाओं की हड़ताल जारी रही। जिला अस्पताल में धरने पर बैठी आशाओं ने कहा कि उनके सेवानिवृत्त होने पर पेंशन का प्रावधान किया जाए। तत्कालीन सीएम की ओर से घोषित कोरोना भत्ता जल्द आशाओं के खाते में डाला जाए। साथ ही आशाओं का 50 लाख रुपयों का जीवन बीमा और 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा लागू करने सहित तमाम मांगों को पूरा किया। वहां सीमा दास, सपना शर्मा, चित्रा नाथ, मीनू सरकार, देवकी मुखर्जी, ग्लेडिस मैसी, मधु बाला, ज्योत्सना आदि थे।
बाजपुर में आशाओं ने सीएचसी गेट पर धरना दिया। उत्तराखंड हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष कमला कुंजवाल और प्रदेश उपाध्यक्ष रीता कश्यप ने कहा कि आशाएं मासिक वेतन मांग रही हैं। सीएम को टेबलेट सुनाई दे रहा है। टालमटोल का सरकारी पैंतरा जारी रहा तो सीएम समेत सभी मंत्रियों का घेराव किया जाएगा। कश्यप नेे कहा कि प्रदेश के मुखिया असली मुद्दे से ध्यान बांटना चाहते हैं इसलिए प्रोत्साहन राशि, तोहफा और टेबलेट के साथ सरकार की ओर से आशाओें केे मासिक वेतन पर दूसरे राज्यों का अध्ययन करने की बात अखबारों में उछाली जा रही है। वहां ज्योति, कुलविंदर कौर, ममता, पानू, मीना दिवाकर, सरोज, रीना सिंह, शहनाज, पूनम, राजेश्वरी आदि थे। (संवाद)

रुद्रपुर जिला अस्पताल परिसर में धरना देतीं आशा कार्यकर्ता।- फोटो : RUDRAPUR

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