गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के कार्यमुक्त चल रहे कर्मचारी की आत्महत्या के मामले में मृतक के परिजनों ने पुलिस को तहरीर सौंपी है। इसमें गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के महासचिव और सचिव पर मृतक को प्रताड़ित करने और आत्महत्या को मजबूर करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने दोनों पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बीती रविवार देर रात गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब की सराय में रहने वाले रिसपाल सिंह उर्फ पालू पुत्र जसवंत सिंह ने पुलिस को तहरीर सौंपकर अपने भाई जगरूप सिंह उर्फ रूपा के आत्महत्या कर लेने के मामले में गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के महासचिव प्रीतम सिंह संधू और सचिव केहर सिंह पर उसके उत्पीड़न का आरोप लगाया।
कहा कि उक्त लोगों के उत्पीड़न के चलते उसका भाई आत्महत्या के लिए मजबूर हुआ। रिसपाल ने बताया कि उसका भाई जगरूप उर्फ रूपा बचपन से ही गुरुद्वारा साहिब में अपनी मां के साथ रह रहा था। साथ ही पिछले आठ वर्षों से गुरुद्वारा साहिब में बतौर कर्मचारी कार्य कर रहा था, जिसे दोनों पदाधिकारी प्रताड़ित कर रहे थे।
मृतक जगरूप सिंह को तीन माह पूर्व कमेटी के द्वारा कार्यमुक्त कर दिया गया था। पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर प्रबंधन कमेटी के दोनों पदाधिकारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष नरेश पाल सिंह ने बताया कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गुरुद्वारा कमेटी के महासचिव ने समर्थकों के साथ किया प्रदर्शन
रुद्रपुर। गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता प्रबंध कमेटी के महासचिव और सचिव पर दर्ज मुकदमे का विरोध शुरू हो गया है। सोमवार को गदरपुर के ग्राम खेमपुर निवासी एवं गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता प्रबंध कमेटी के महासचिव प्रीतम सिंह संधू समर्थकों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद एसएसपी बरिंदरजीत सिंह को ज्ञापन सौंपा।
संधू ने कहा कि रविवार की रात उसके मोबाइल पर व्हाट्सएप मैसेज आया। मैसेज से पता चला कि उनके और सचिव केहर सिंह के खिलाफ रिछपाल सिंह ने नानकमत्ता थाने में तहरीर दी गई है। कहा है कि गुरुद्वारा के सेवादार रहे जगरूप सिंह ने आत्महत्या कर ली है। कहा कि कुछ लोगों के बहकावे में आकर मृतक के भाई रिछपाल ने उनके खिलाफ झूठी शिकायत की है।
महासचिव ने कहा कि जगरूप सिंह को सेवादार पद से हटाने में उनका कोई संबंध नहीं है। उन पर लगाए गए उत्पीड़न के आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। बाद में उक्त लोगों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में सचिव केहर सिंह, निर्मल सिंह, अमरजीत सिंह, जसवीर सिंह, बलजिंदर सिंह, सुखदेव सिंह, गुरमेज सिंह, सूरत सिंह, जगजीत सिंह, प्रीतपाल सिंह, रणजीत सिंह, परमजीत सिंह आदि थे।