पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टर पर हुए जानलेवा हमले के खिलाफ सोमवार को जिलेभर में आक्रोशित डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। निजी डॉक्टरों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। वहीं, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों ने ड्यूटी के दौरान बांह पर काला फीता बांधकर विरोध प्रकट किया।
कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों पर हुए जानलेवा हमले के खिलाफ रुद्रपुर के निजी अस्पतालों में सुबह छह बजे से ओपीडी बंद रही। सिर्फ इमरजेंसी और गर्भवती महिलाओं को ही भर्ती किया। ओपीडी बंद होने से रुद्रपुर के निजी अस्पतालों से करीब 2500 मरीज वापस लौटे। निजी डॉक्टरों ने पीएम को ज्ञापन भेज आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहां आईएमए के प्रवक्ता डॉ. राजीव सेतिया, डॉ. नीरजा पंत, डॉ. सुरभि राय, डॉ. नूतन राय, डॉ. मंदीप सिंह, डॉ. जीएस चीमा आदि थे।
इधर, जिला अस्पताल में सुबह प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के बैनर तले चिकित्सकों ने प्रदर्शन करने के बाद बांह पर काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। वहां डॉ. आरके सिन्हा, डॉ. पीके श्रीव ास्तव, डॉ. आरडी भट्ट, डॉ. शिल्पा गुप्ता आदि थे। इधर, निजी अस्पतालों की हड़ताल से जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ गया।
जिला अस्पताल में सोमवार को 680 ओपीडी, हड्डी के चार ऑपरेशन के अलावा 11 शिशुओं ने जन्म लिया। साथ ही करीब 15 गर्भवती महिलाएं भर्ती हुईं। प्रमुख अधीक्षक डॉ. टीडी रखोलिया ने कहा कि शनिवार के मुकाबले 110 ओपीडी अधिक हुई। वहीं, आईएमए के प्रवक्ता डॉ. राजीव सेतिया ने कहा कि निजी अस्पतालों में इमरजेंसी के अलावा गर्भवती महिलाओं, इलेक्टिव सर्जरी जारी रही। बंद ओपीडी 12 घंटे बाद मंगलवार सुबह छह बजे से शुरू होगी।
इधर, गदरपुर में भी निजी अस्पतालों के डॉक्टरों ने ओपीडी का बहिषकार किया। आईएमए के आह्वान पर नगर के महाजन नर्सिंग होम के डॉ. आरके महाजन एवं तराई अस्पताल की डॉ. गीता त्रिपाठी की ओर से ओपीडी का बहिष्कार किया गया। इधर, प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ उत्तराखंड के बैनर तले सीएचसी गदरपुर में तैनात डॉक्टरों ने भी काले फीते बांधकर विरोध व्यक्त किया।
इधर, काशीपुर में रामनगर रोड स्थित आईएमए हॉल में आईएमए के बैनर तले निजी अस्पतालों के डॉक्टरों ने बैठक कर विरोध-प्रदर्शन किया। इससे करीब 100 निजी अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों, क्लीनिकों में कार्य ठप रहा। आईएमए अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र वर्मा और सचिव डॉ. विपिन सूद ने बताया कि हड़ताल मंगलवार सुबह छह बजे तक जारी रहेगी। सिर्फ आपातकालीन सेवाएं चालू हैं।
वहां डॉ. रवि सिंघल, डॉ. अरविंद शर्मा, डॉ. वीके छाबड़ा, डॉ. वीएम गोयल, डॉ. रवि सहोता, डॉ. एके सिरोही, डॉ. आरके शर्मा, डॉ. मधु वर्मा, डॉ. बीना जोशी आदि थे। उधर, इंडियन डेंटल एसोसिएशन ने भी आईएमए के समर्थन में ओपीडी बंद रखी। वहां डॉ. शंशाक नागर, डॉ. निशा छाबड़ा, डॉ. सुधीर बगबाड़ी आदि थे। इधर, निजी अस्पतालों में हड़ताल के चलते मरीजों ने एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल का रुख किया। वहीं, खटीमा में निजी डॉक्टरों की हड़ताल के चलते नागरिक अस्पताल की ओपीडी में 602 मरीज आए। वहीं, नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।