पंतनगर सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र स्थित ग्रीन प्लाई फैक्ट्री के बाहर से पुलिस ने यूरिया खाद से लदा ट्रक पकड़ा है। ट्रक से भारी मात्रा में किसान यूरिया खाद से भरे 550 कट्टे बरामद हुए हैं। पुलिस ने ट्रक संख्या यूपी22टी- 1571 को कब्जे में लेकर उसे सिडकुल चौकी में खड़ा करा दिया। जबकि ट्रक चालक राकेश सिंह निवासी सेराघाट अल्मोड़ा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
शुक्रवार सुबह सवा ग्यारह बजे के आसपास सिडकुल चौकी पुलिस औद्योगिक क्षेत्र में गश्त कर रही थी, तभी उन्हें ग्रीन प्लाई फैक्ट्री के बाहर एक ट्रक सामान से लदा दिखाई दिया। पुलिस ने ट्रक चालक से पूछताछ की तो उसने बताया कि ट्रक में 550 किसान यूरिया खाद के कट्टे लदे हैं, इस पर पुलिस ने ड्राइवर से कागजात आदि मांगे तो चालक के पास कुछ भी नहीं था, पुलिस चालक को ट्रक सहित चौकी ले आई।
पूछताछ करने पर ट्रक चालक ने बताया कि यूरिया खाद को वह गदरपुर के किसी गोदाम से लेकर आया है, खाद कहां जानी थी और किसे देने थी इस बारे में वह कुछ नहीं बता पाया। सिडकुल चौकी प्रभारी एमपी सिंह ने बताया कि ट्रक को कब्जे में लेकर चालक से पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया है। ट्रक में लदे यूरिया खाद के मामले को कृषि विभाग को सौंपा गया है।
डीएम ने जताई हैरानी, जांच के आदेश
सिडकुल के भीतर भारी मात्रा में यूरिया खाद आखिर गदरपुर के किस गोदाम से आया है इस बारे में डीएम डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच मुख्य कृषि अधिकारी से कराने के आदेश दिए हैं। डीएम डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि फैक्ट्रियों में इतनी भारी मात्रा में खाद का पाया जाना किसी बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रहा है। सोमवार तक इस पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया जाएगा।
सहकारिता विभाग की ओर घूमी शक की सुई
डीएम डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि गदरपुर में किसी दुकान में इतनी भारी मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो सकती है, किसी बड़े गोदाम से यह खाद ट्रक में लादी गई है। गदरपुर क्षेत्र में सहकारिता विभाग के गोदाम हैं, इसलिए इसकी भी जांच कराई जाएगी कि कहीं यह खाद सहकारिता विभाग के गोदाम से तो नहीं लाई जा रही थी। उन्होंने बताया कि खाद की कालाबाजारी करने वाले किसी भी अधिकारी और कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
किसान भटक रहे खाद के लिए, यहां कालाबाजारी
सिडकुल पुलिस ने शुक्रवार को इतनी भारी मात्रा में किसान यूरिया खाद को पकड़ने के बाद बड़े घोटाले की ओर इशारा कर दिया है। वहीं किसानों के साथ इतना बड़ा धोखा भी चौंकाने वाला है। बता दें कि किसान सहकारिता विभाग की समितियों में खाद के लिए धक्के खाते हैं और यहां फैक्ट्रियों में खाद की खपत का गोरखधंधा वास्तव में चौंकाने वाला है। खाद की इस कालाबाजारी पर एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले का कहना है कि जांच की जाएगी कि आखिर सिडकुल की किस फैक्ट्री में यह खाद लाई जा रही थी। उन्होंने कहा कि गदरपुर से भी जानकारी ली जाएगी कि इतनी भारी मात्रा में फैक्ट्री में यूरिया खाद क्यों भेजी जा रही थी।