रुद्रपुर। अब हाईस्कूल नहीं, बल्कि ग्रेजुएट पास आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ही सुपरवाइजर बन पाएंगी। इसके साथ ही 59 आयु सीमा वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं भी सुपरवाइजर बन सकती हैं। पहले सुपरवाइजर बनने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई थी।
महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर के पद रिक्त होने पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। सुपरवाइजर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ढंग से निगरानी नहीं कर पाती थीं। इसके लिए राज्य में सुपरवाइजर के लिए 126 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे।
रुद्रपुर बाल विकास परियोजना से ही 55 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सुपरवाइजर बनने के लिए आवेदन भेजे हैं। सीडीपीओ लीला परिहार ने बताया कि पहले हाईस्कूल पास आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सुपरवाइजर बना दिया जाता था, लेकिन अब स्नातक पास होना जरूरी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित किया गया है। आयु सीमा भी बढ़ा दी गई है।
83 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पद रिक्त
रुद्रपुर। राज्य सरकार की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर तो बना दिया जाएगा, लेकिन विभाग में पहले से ही 83 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व 115 हेल्पर व 13 मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पद रिक्त हैं। ऐसे में अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दूसरे आंगनबाड़ी केंद्रों के भी प्रभार संभालने पड़ रहे हैं। संवाद
अब गर्भवती और धात्री महिलाओं को भी मिलेगा अंडा और केला
रुद्रपुर। प्रदेश की गर्भवती और धात्री महिलाओं को भी अंडा और केला दिया जाएगा। बाल पालाश योजना को बंद करने के बाद जल्द ही सीएम पुष्कर सिंह धामी महिला पोषण योजना को लांच करने वाले हैं। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत तीन से छह साल के बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को यह सुविधा दी जाएगी।
वर्तमान में जिले में 21 हजार 506 गर्भवती व 18 हजार 956 धात्री महिलाएं हैं। वहीं तीन से छह वर्ष तक के 52 हजार 352 बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने कहा कि निदेशालय स्तर से लाभार्थियों के संख्या का डाटा मांगा गया है।