गदरपुर। जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील गदरपुर में विगत तीन वर्षों में जारी किए गए जाति और स्थायी प्रमाण पत्रों की जांच की गई। जांच में 221 प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए, जिन पर संबंधित आवेदकों को नोटिस जारी कर साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद चार जाति प्रमाण पत्रों को निरस्तीकरण की संस्तुति के साथ जिला स्क्रूटिनी कमेटी को भेजा गया है। वहीं, 19 स्थायी प्रमाण पत्रों को भी संदिग्ध मानते हुए नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे गए हैं।
जांच के दौरान दो स्थायी प्रमाण पत्र सोनू रस्तोगी पुत्र रामपाल रस्तोगी, निवासी ग्राम भट्टपुरी चक्की मोड़, ग्राम कूल्हा और कुमारी शालू पुत्री हुकमचंद, निवासी ग्राम सकैनिया के संबंध में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। दोनों आवेदकों ने स्वीकार किया कि उनके स्थायी प्रमाण पत्र गलत और कूटरचित तथ्यों के आधार पर बनवाए गए थे।
तहसीलदार गदरपुर लीना चंद्रा की अध्यक्षता में गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम गदरपुर ऋचा सिंह ने दोनों स्थायी प्रमाण पत्रों को निरस्त कर दिया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरस्त प्रमाण पत्रों का कहीं भी उपयोग अवैध माना जाएगा। इनके प्रयोग या दुरुपयोग की स्थिति में संबंधितों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।