रुद्रपुर। नौ दिन पहले रेडियंट कैश मैनेजमेंट कंपनी के कर्मचारी से तमंचे के बल पर दिनदहाड़े हुई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात में लिप्त दो आरोपियों के साथ ही दो साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर लूटी गई रकम में से साढ़े तीन लाख रुपये और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद कर ली है। दिलचस्प बात है कि लूट की वारदात में शामिल दो आरोपी इंटर के छात्र हैं जबकि एक साजिशकर्ता अमेजन कंपनी का कर्मचारी है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है जबकि फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
बृहस्पतिवार को कोतवाली में सीओ अमित कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 23 दिसंबर की दोपहर रेडियंट कंपनी के कर्मचारी सचिन शर्मा निवासी बलवंत इन्कलेव रामपुर रोड से तीन बदमाशों ने तमंचे के बल पर रेलवे स्टेशन रोड से पांच लाख 35 हजार की नकदी, 32 लाख के 21 डिमांड ड्राफ्ट और चेक बुकों से भरा बैग लूट लिया था। जांच में जुटी पुलिस को दिनेशपुर क्षेत्र में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में एक आरोपी का चेहरा दिखा था। इसके बाद पुलिस ने फोटो के आधार पर उसकी पहचान चंद्रशेखर उर्फ चंदू निवासी एलायंस किंग्स स्टेट कॉलोनी रुद्रपुर के रूप में की थी। चंदू के साथ ही ऐशप्रीत सिंह उर्फ ऐशकंग निवासी डिबडिबा मस्जिद के पास बिलासपुर, हरमन सिंह निवासी डिबडिबा बिजलीघर के पास बिलासपुर (यूपी) और रोहित निवासी भूरारानी को गिरफ्तार किया। उनका साथी अमन पांडे निवासी इंद्रा कॉलोनी गली नंबर छह रुद्रपुर फरार है।
चारों के कब्जे से लूटी गई नकदी में से तीन लाख 49 हजार रुपये बरामद हुए। बताया कि रोहित अमेजन कंपनी में काम करता है। उसे सचिन शर्मा की ओर से रोजाना कैश एकत्र कर बैंक में जमा करने की जानकारी थी। रोहित और हरमनप्रीत ने वारदात की साजिश रचकर चंद्रशेखर, ऐशप्रीत और अमन को लूटपाट के लिए राजी किया था। 23 दिसंबर को चंद्रशेखर अपनी स्कूटी से अमन के साथ गदरपुर रोड पर रेव सिनेमा गया था। वहां उन्होंने स्कूटी छोड़ दी थी और बाइक से पहुंचे ऐशप्रीत के साथ बाइक पर सवार होकर तीनों रेलवे स्टेशन रोड पर पहुंच गए। वहां लूट की वारदात के बाद मटकोटा होते हुए दिनेशपुर पहुंचे थे। पुलिस की चेकिंग को देखते हुए चंद्रशेखर बाइक से उतर गया था और पैदल निकलता हुआ स्थानीय बाजार में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया था। तीनों बाइक से गदरपुर होते हुए महतोष मोड़ पहुंचे थे और लूटे गए रुपये बांट लिए थे। बताया कि फरार अमन की तलाश की जा रही है।
लूट के रुपये में भी डाका
रुद्रपुर। वारदात के बाद बाइक से फरार होते समय चंद्रशेखर और रोहित ने लूट के रुपये में भी डाका डाल दिया। चलती बाइक में ही चंद्रशेखर ने दो लाख चार हजार रुपये और रोहित ने एक लाख 41 हजार रुपये बैग से निकाल लिए थे। इसके बाद बचे रुपये का आरोपियों में बंटवारा हुआ था। बची रकम में प्रत्येक को 45-45 हजार रुपये मिले थे। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया तो सबसे ज्यादा दो लाख 49 हजार रुपये चंद्रशेखर के पास से बरामद हुए थे। इसके अलावा ऐशप्रीत के पास 34 हजार और बाइक, हरमन के पास 35 हजार और रोहित के पास 31 हजार रुपये बरामद हुए थे। फरार अमन पांडे के पास एक लाख 86 हजार रुपये के साथ ही घटना में प्रयुक्त तमंचा भी है।
प्रतिष्ठित स्कूलों के छात्र हैं अमन और चंद्रशेखर
रुद्रपुर। सीओ ने बताया कि अमन और चंद्रशेखर दोनों 12वीं कक्षा के छात्र हैं। दोनों ही शहर के अलग-अलग प्रतिष्ठित स्कूलों में पढ़ते हैं। अमन अपनी बुआ के घर में रहकर पढ़ाई करता है। उसके पिता असोम में नौकरी करते हैं। ऐशप्रीत आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुका है। हरमन कोई काम नहीं करता है और रोहित अमेजन में नौकरी करता है। (ब्यूरो)
फीस की थी दिक्क्त तो लूट में बना भागीदार
रुद्रपुर। सीओ अमित कुमार ने बताया कि चंद्रशेखर के पिता सिडकुल की एक कंपनी में काम करते हैं। गिरफ्तारी के बाद चंद्रशेखर ने बताया कि लॉकडाउन से उसकेे पिता को वेतन कम मिल रहा था। इस वजह से स्कूल की फीस देने में दिक्कत आ रही थी। इसी वजह से वह लूट की वारदात में शामिल हुआ था। उसे पता नहीं कि अमन तमंचा कहां से लाया था। सीओ के मुुताबिक लूट में छात्रों के शामिल होने की वजह खर्चों की सीमा बहुत ज्यादा होना भी है। (ब्यूरो)
ये रहे टीम में शामिल
कोतवाल एनएन पंत, एसआई महेश कांडपाल, केजी मठपाल, भगवान गिरी, पंकज मेहर, प्रदीप कुमार, पंकज कुमार, कांस्टेबल गणेश पांडे, विमल, भूपेंद्र और कृष्ण चंद्र।
फोटो 31आरडीपी 01पी: रुद्रपुर कोतवाली में खुलासा करते सीओ, गिरफ्त में आरोपी।
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