काशीपुर। बाजार में बिक रहे नकली कीटनाशक के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) काशीपुर ने नई पहल शुरू की है। केवीके की टीम गांव-गांव जाकर गोष्ठियां करेगी और किसानों को असली और नकली कीटनाशक की पहचान करना सिखाएगी।
केवीके के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनिल चंद्रा ने बताया कि बाजार में बिकने वाले कई प्रकार के कीटनाशक नकली हैं। इनसे उपयोग से उपज के प्रभावित होने की आशंका रहती है। उन्होंने किसानों को कीटनाशक हमेशा अधिकृत दुकान से ही खरीदने और बिल जरूर लेने की सलाह दी। कहा कि पैकेट या बोतल पर कंपनी का नाम, दवा में मौजूद सक्रिय तत्व, बैच नंबर, निर्माण और एक्सपायरी तिथि साफ-साफ लिखी होनी चाहिए। लेबल फटा हो, प्रिंट धुंधला हो या सील टूटी हो तो ऐसी दवा न खरीदें। किसान घर पर ही नीम और अन्य प्राकृतिक चीजों से ब्रह्मास्त्र, निमास्त्र और अग्नियास्त्र जैसे जैविक कीटनाशक बना सकते हैं। इनसे लागत कम होती है और जमीन की उर्वरता भी बनी रहती है। साथ ही खेत में स्टिकी ट्रैप लगाकर भी कीटों को नियंत्रित किया जा सकता है। संवाद