सितारगंज में एसडीएम दफ्तर पर धरना प्रदर्शन करते किसान।
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पहले दिन कच्चे आढ़तियों ने धान तो खरीदा, लेकिन दूसरे दिन मंडी पहुंचने के बाद भी किसानों के धान की खरीद नहीं की। इससे आक्रोशित किसानों ने एसडीएम दफ्तर पर नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि सरकार ने इस बार भी कच्चे आढ़तियों को धान खरीद के लिए अनुमति दी है। रोजाना एक कच्चे आढ़ती को करीब 700 क्विंटल धान खरीद की अनुमति है। सोमवार को कच्चे आढ़तियों ने खरीद शुरु कर 33 ट्राली धान खरीदा, लेकिन मंगलवार को उन्होंने धान नहीं खरीदा।
किसान नेता नवतेज पाल सिंह ने आरोप लगाया कि मंडी समिति की मिलीभगत से इस बार भी कच्ची आढ़तों पर बड़ा खेल शुरू हो गया है। किसान का धान कच्चे आढ़ती नहीं खरीद रहे हैं। इससे किसानों को औने-पौने दामों पर इन आढ़तियों को धान बेचना पड़ रहा है। औने पौने दाम पर खरीदे धान को कच्चे आढ़ती बाद में एमएसपी पर सरकार को दे देते हैं। आरोप लगाया कि डीएम और आरएफसी के आदेश के बाद भी मंडी प्रशासन की ओर से किसानों की ट्राली की प्रवेश पर्ची नहीं काटी गईं।
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रदेश अध्यक्ष गुरसेवक सिंह महार ने कहा कि कच्ची आढ़त का घोटाला करने के लिए बनाया है। इसमें किसानों का धान नहीं तुल पाता है। कच्ची आढ़त के नाम पर एक क्विंटल में सात सौ रुपये का घोटाला होता है। गत वर्ष का घोटाला भी दबा दिया गया। किसानों ने कहा कि प्रशासन की बनाई गाइडलाइन के अनुसार कच्चे आढ़तियों ने तौल नहीं की तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। एसडीएम तुषार सैनी ने किसानों को तत्काल तौल शुरु कराने का आश्वासन दिया। इस पर दोपहर दो बजे किसानों ने धरना समाप्त कर दिया और तौल भी चालू हो गई। वहां साहब सिंह, लवदीप सिंह, गुरवीर सिंह, इंद्रजीत सिंह, रणदीप सिंह, शमशेर सिंह, शक्ति सिंह राणा आदि थे।