काशीपुर में धरने पर बैठे किसान।
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काशीपुर। फोरलेन में अधिग्रहीत की गई जमीनों का मुआवजा नहीं मिलने से आक्रोशित किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने 11 सदस्यीय कमेटी का गठन कर 10 सितंबर तक मुआवजा नहीं मिलने पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने की चेतावनी दी।
बृहस्पतिवार को भाकियू युवा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह जीतू की अगुवाई में बांसखेड़ा खुर्द, बांसखेड़ा कला, गिन्नीखेड़ा आदि गांवों के किसानों ने बांसखेड़ा पुल के नीचे प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि वर्ष 2013 में फोरलेन निर्माण के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहीत की गई थी। उस समय सर्किल रेट 48 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर था। 2017 में जब कुछ किसानों को जमीन का मुआवजा दिया गया तो सर्किल रेट घटाकर 24 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया। कुछ किसानों को मुआवजा मिला लेकिन कई किसान मुआवजे के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे। वहीं जिन किसानों का मकान, झोपड़ी अधिग्रहण में आई थी उन्हें कामर्शियल रेट का चार गुना मुआवजा देने की बात कही गई थी। बाद में ऐसे किसानों को 20 रुपये वर्ग फुट के हिसाब से भुगतान किया गया। उन्होंने कहा कि अगर 10 सितंबर तक किसानों को अधिग्रहीत की गई जमीनों का उचित मुआवजा नहीं मिलता है तो वह अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर फोरलेन पर काम बंद करा देंगे। आंदोलन की रणनीति के लिए किसानों ने 11 सदस्यीय संघर्ष समिति का भी गठन किया। वहां वरिष्ठ किसान नेता अवतार सिह, राजू छीना, टीका सैनी, राम अवतार, रियासत हुसैन, सैय्यद हसन, सखावत हुसैन, निर्मल सिह, रियासत हुसैन, अमर जीत सिंह आदि थे।