बारिश में अरमान धुलने पर किसानों के चेहरों पर शिकन और आंखों में आंसू नजर आए। क्रय केंद्रों में तिरपाल की व्यवस्था का दावा करने वाली मंडी समिति की भी पोल खुल गई है। बिगवाड़ा मंडी में यूसीएफ के केंद्र पर तौल नहीं होने से किसानों का धान भीग गया।
पहले से ही धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी की समस्या के कारण किसान अपना धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पा रहे थे, अब तक सोमवार को अचानक बेमौसमी बारिश से धान के भीगने से नमी की समस्या और बढ़ने की आशंका है।
विज्ञापन
बारिश में अरमान धुलने पर किसानों के चेहरों पर शिकन और आंखों में आंसू नजर आए। क्रय केंद्रों में तिरपाल की व्यवस्था का दावा करने वाली मंडी समिति की भी पोल खुल गई है। बिगवाड़ा मंडी में यूसीएफ के केंद्र पर तौल नहीं होने से किसानों का धान भीग गया। सोमवार को अचानक हुई बारिश से जिले के क्रय केंद्रों में बिकने के लिए रखा कई क्विंटल धान भीग गया। खेतों में कटने के लिए खड़ी धान की फसल भी तेज हवा के चलते खेत पर बिछ गई।
तराई किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने बताया कि बारिश से किसानों को नुकसान हुआ है। बिगवाड़ा मंडी में यूसीएफ के केंद्र में खरीद नहीं होने से किसानों के धान की कई ढेरियां बारिश में भीग गईं।
विज्ञापन
मुख्य कृषि अधिकारी एके वर्मा ने बताया कि बारिश के चलते किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, विभाग की टीम की ओर से नुकसान का सर्वे करवाया जाएगा। बारिश होने के चलते मंडियों में खुले में पड़े धान के खराब होने की आशंका है।
जिला प्रशासन को किसान हित में निर्देश दिए गए हैं कि किसानों की ओर से मंडियों में लाए जा रहे धान को प्राथमिकता के आधार पर मानकों के अनुरूप क्रय किया जाए। - बीएल फिरमाल, संभागीय खाद्य नियंत्रक, कुमाऊं